माँ अवन्तिका की शरणागति ही हर तरह के संशय, संकट भय रोग,शोक दुख दरिद्र एवं विपदाओं से मुक्त करती है। शिव के साथ माँ का पूजन वैभव को प्रदान करने वाला कहा गया है।
मानस भूमि के प्रवेश द्वार ललिता देवी की नगरी लालकुआं नगर के उतर दिशा में माता अवन्तिका का दरबार सदियों से पूज्यनीय है,
इस स्थान पर माता अवन्तिका की पूजा कब से होती है यह सब अज्ञात है। इस देवी को विभिन्न रुपों में पूजकर लोग अपना जीवन धन्य करते है
हिमालय भूमि में प्रवेश से पूर्व यहां से गुजरने वाले आगन्तुकों को अवन्तिका माता के दर्षन के बाद ही हिमालय दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है,
माँ अवन्तिका देवी करुणामयी, दयामयी तथा ममता का अथाह सागर कही गयी है, अपने भक्तों से स्नेह रखना तथा उनका सर्वत्र मंगल करना मां का परम स्वभाव है।
वर्तमान समय में इस मंदिर की कीर्ति की ध्वज पताका देश- दुनिया में हैं देखिये देश के प्रमुख समाचार पत्रों की रिपोर्ट



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