नागपंचमी पर खुलने वाला महाकाल के शिखर का वह रहस्यमयी दिव्य लोक: वर्ष में केवल 24 घंटे के लिए जागृत होता है यह गुप्त धाम, जहां शेषनाग नहीं बल्कि नागराज तक्षक की शैय्या पर सपरिवार विराजते हैं देवाधिदेव
सनातन संस्कृति और पौराणिक आख्यानों में भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की दिव्य शैय्या पर विश्राम करते देखना अत्यंत सहज और सर्वविदित है, किंतु ब्रह्मांड में एक ऐसा भी….



