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आपकी अपनी ही आवाज और चेहरे का खौफनाक फरेब: क्या इंसानी दिमाग पर कब्जा कर रही है कोई अदृश्य ताकत?

  आज जिस रफ़्तार से कृत्रिम मेधा हमारे जीवन में प्रवेश कर रही है, उसे देखकर कभी-कभी लगता है जैसे हम किसी ऐसी नदी में तैर रहे हैं जिसका रुख….

जमीन खत्म होने के बाद अब अथाह समंदर पर इंसानी बस्तियां? जानिए जापान के इस हैरतअंगेज प्रोजेक्ट का रहस्य!

  भविष्य में शहरों को अब समुद्र की लहरों पर बसाया जाएगा। जापान के वैज्ञानिक ऐसे तैरते हुए प्लेटफार्म विकसित कर रहे हैं, जो कई किलोमीटर लंबे और चौड़े होंगे।….

अपशकुनी मानकर त्यागे गए एक अनाथ बालक का रहस्य: कैसे बना वह कलयुग का सबसे बड़ा लोकनायक?

  हिन्दी साहित्य के सूर्य,भक्ति के समुद्र और लोक चेतना के शिल्पी गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही करोड़ों कंठों में केवल राम-राम ही गूंजता है। इस महान संत ने….

नर्मदा किनारे छिपा पांडवों का गुप्त रहस्य: क्या है विमलेश्वर की गुफाओं और ढाई मन के घंटे का राज़?

  मोक्षदायिनी नर्मदा सुरम्य सौंदर्य और पाप नाशिनी स्वरूप में कलयुग में विद्यमान है और इसके तटीय साम्राज्य में अनगिनत शिव तीर्थ हैं, जो ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से….

मायके की देहरी पर जब उतरीं माँ गौरा: सात अनाजों के गूढ़ विधान और लोकगीतों की मधुर तान में क्यों सराबोर हुआ लालकुआं?

लालकुआं पहाड़ों की गोद से बहती लोकसंस्कृति की वह कौन सी पावन धारा है, जो हर वर्ष महिलाओं को अटूट श्रद्धा और आत्मीयता के अनूठे बंधन में बांध देती है?….

इंद्र के कोप से ग्वालों की रक्षा करने वाले किस दिव्य संत की कृपा से धन्य हुई लालकुआं की धरा? श्री काशीदास बाबा के पूजन में उमड़ा आस्था का महासागर

लालकुआं (नैनीताल)। द्वापर युग में जब देवराज इंद्र के अभिमान और प्रकोप के कारण लगातार सात दिनों तक मूसलाधार वर्षा से नंदगांव के ग्वालों एवं गोधन का जीवन संकट में….

लालकुआँ में श्री काशीदास बाबा के भव्य पूजन में उमड़ा जनसैलाब: वरिष्ठ समाजसेवी हेमवती नन्दन दुर्गापाल का शॉल ओढ़ाकर हुआ सम्मान

लालकुआँ: आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी आई टी सी पेपर मिल न्यू कालोनी में आयोजित श्री काशीदास बाबा पूजन समारोह अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस….

सांसों का वो रहस्यमयी सफर: चम्पानगरी की वो पावन गाथा, जहां प्रेम के आगे काल भी झुक गया!

  आज भी जीवंत है सदियों पुरानी बिहुला-विषहरी की लोकगाथा भारत की वाचिक परंपराओं का अपना विशिष्ट महत्व है। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक लोक-कंठ के माध्यम से पहुंचने….

नागपंचमी पर खुलने वाला महाकाल के शिखर का वह रहस्यमयी दिव्य लोक: वर्ष में केवल 24 घंटे के लिए जागृत होता है यह गुप्त धाम, जहां शेषनाग नहीं बल्कि नागराज तक्षक की शैय्या पर सपरिवार विराजते हैं देवाधिदेव

सनातन संस्कृति और पौराणिक आख्यानों में भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की दिव्य शैय्या पर विश्राम करते देखना अत्यंत सहज और सर्वविदित है, किंतु ब्रह्मांड में एक ऐसा भी….

आखिर कौन हैं वो महायोगी जिनकी एक पुकार पर कान्हा ने उठा लिया था गोवर्धन पर्वत? जानिए उस चमत्कारी शक्ति का रहस्य, लालकुआँ में सजने जा रहा है जिनकी भक्ति का भव्य दरबार

  लालकुआँ (नैनीताल) क्या आप जानते हैं कि द्वापर युग के उस महासंकट के समय जब इंद्रदेव के क्रोध से मूसलाधार बारिश ने समूचे नंदगांव को जलमग्न कर दिया था,….