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उत्तराखंड बीजेपी का बड़ा दांव: 2027 के महासमर से पहले किस दिग्गज चेहरे को मिली प्रदेश संगठन में अहम जिम्मेदारी?

देहरादून/उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषित की गई प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने वरिष्ठ….

क्या था 9 अगस्त 1942 का वह खौफनाक तूफान जिससे कांप उठी थी ब्रिटिश हुकूमत? हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में गूंजी शहीदों के उस महान बलिदान की गाथा

हल्द्वानी के ऐतिहासिक ‘स्वराज आश्रम’ में आज का दिन आम दिनों जैसा नहीं था। चारों ओर देशभक्ति के गूंजते नारे, हवा में फहराता तिरंगा और सीने में पूर्वजों की शहादत….

एक व्यक्ति, 38 साल और लाखों सांसों का सफर: क्या तपती धरती को बचा पाएगा यह खामोश महाभियान?

हल्द्वानी/कंक्रीट के बढ़ते जंगलों और आसमान छूते तापमान के बीच जब धरती की सांसें फूलने लगी हैं, तब देवभूमि के आंचल में खामोशी से एक ऐसा महाभियान आकार ले रहा….

आखिर किस दिव्य भेंट से आलोकित हुआ शिक्षा का यह महातीर्थ?

दिनेशपुर/रुद्रपुर और दिनेशपुर क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य में एक अत्यंत गरिमामयी और प्रेरक क्षण उस समय दर्ज हुआ, जब शिक्षा जगत को नई दिशा दे रहे दो मूर्धन्य व्यक्तित्वों को….

हजारों युवाओं के जीवन में उजाला लाने वाले दिग्गज पहुंचे प्रसिद्ध धाम, जानिए माँ अवंतिका के दरबार में क्यों गूंज उठा यह खास पल

लालकुआँ / मदरसन कंपनी के मानव संसाधन प्रमुख (एचआर हेड) सुभाष तिवारी ने अपने परिवार के साथ सुप्रसिद्ध माँ अवंतिका मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।….

15 अगस्त की रात 8 बजे बिंदुखत्ता में क्या होने वाला है? जानिए उस फैसले का सच, जिसने बढ़ा दी है सबकी धड़कनें!

  बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को लेकर 20 सितंबर को होगी विशाल जनसभा एवं रैली 15 अगस्त से शुरू होगी 32 ग्रामों में घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा बिंदुखत्ता,….

हर घर तिरंगा अभियान: राष्ट्रप्रेम, एकता और जनभागीदारी का महापर्व

  (सुरेन्द्र शर्मा-विभूति फीचर्स) “तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, त्याग, बलिदान और गौरव का प्रतीक है।” भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा प्रत्येक भारतीय के….

1, 0 और 8 के इस अनोखे मेल में छिपा है ब्रह्मांड का सबसे बड़ा सच… जिसे जानकर दंग रह जाएगा आपका दिमाग!

  108 केवल एक संख्या नहीं है। यह ब्रह्मांड की धड़कन है। यह वह सूत्र है जो लौकिक और परालौकिक जगत को एक माला के धागे में पिरो देता है।….

डीजल से हाइड्रोजन तक भारतीय रेलवे का बदलता स्वरूप

भारतीय रेल को मात्र एक परिवहन प्रणाली कहना इसकी विशालता और प्रासंगिकता को सीमित करना होगा। यह भारत की जीवनरेखा, अर्थव्यवस्था की रीढ़ और सामाजिक-सांस्कृतिक एकता का सबसे बड़ा सूत्रधार….

प्रतीकात्मक सम्मान नहीं, संवैधानिक अधिकार चाहिए

  अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस (9अगस्त) पर विशेष- प्रतीकात्मक सम्मान नहीं, संवैधानिक अधिकार चाहिए ‘विश्व आदिवासी दिवस’ की सभी बहनों-भाइयों और युवाओं को जोहार! 9 अगस्त का दिन सिर्फ एक तारीख….