आपकी अपनी ही आवाज और चेहरे का खौफनाक फरेब: क्या इंसानी दिमाग पर कब्जा कर रही है कोई अदृश्य ताकत?
आज जिस रफ़्तार से कृत्रिम मेधा हमारे जीवन में प्रवेश कर रही है, उसे देखकर कभी-कभी लगता है जैसे हम किसी ऐसी नदी में तैर रहे हैं जिसका रुख….
आज जिस रफ़्तार से कृत्रिम मेधा हमारे जीवन में प्रवेश कर रही है, उसे देखकर कभी-कभी लगता है जैसे हम किसी ऐसी नदी में तैर रहे हैं जिसका रुख….
भविष्य में शहरों को अब समुद्र की लहरों पर बसाया जाएगा। जापान के वैज्ञानिक ऐसे तैरते हुए प्लेटफार्म विकसित कर रहे हैं, जो कई किलोमीटर लंबे और चौड़े होंगे।….
हिन्दी साहित्य के सूर्य,भक्ति के समुद्र और लोक चेतना के शिल्पी गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही करोड़ों कंठों में केवल राम-राम ही गूंजता है। इस महान संत ने….
मोक्षदायिनी नर्मदा सुरम्य सौंदर्य और पाप नाशिनी स्वरूप में कलयुग में विद्यमान है और इसके तटीय साम्राज्य में अनगिनत शिव तीर्थ हैं, जो ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से….
लालकुआं पहाड़ों की गोद से बहती लोकसंस्कृति की वह कौन सी पावन धारा है, जो हर वर्ष महिलाओं को अटूट श्रद्धा और आत्मीयता के अनूठे बंधन में बांध देती है?….
लालकुआं (नैनीताल)। द्वापर युग में जब देवराज इंद्र के अभिमान और प्रकोप के कारण लगातार सात दिनों तक मूसलाधार वर्षा से नंदगांव के ग्वालों एवं गोधन का जीवन संकट में….
लालकुआँ: आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी आई टी सी पेपर मिल न्यू कालोनी में आयोजित श्री काशीदास बाबा पूजन समारोह अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस….
आज भी जीवंत है सदियों पुरानी बिहुला-विषहरी की लोकगाथा भारत की वाचिक परंपराओं का अपना विशिष्ट महत्व है। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक लोक-कंठ के माध्यम से पहुंचने….
सनातन संस्कृति और पौराणिक आख्यानों में भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की दिव्य शैय्या पर विश्राम करते देखना अत्यंत सहज और सर्वविदित है, किंतु ब्रह्मांड में एक ऐसा भी….
लालकुआँ (नैनीताल) क्या आप जानते हैं कि द्वापर युग के उस महासंकट के समय जब इंद्रदेव के क्रोध से मूसलाधार बारिश ने समूचे नंदगांव को जलमग्न कर दिया था,….