माँ की साँसें थमीं, घर पर लाचार थे पिता… उस स्याह रात अस्पताल में अकेली छूटी 13 साल की मासूम के साथ अचानक क्या हुआ?
हल्द्वानी। ज़िंदगी जब इम्तिहान लेती है, तो कई बार आंसुओं का सैलाब भी कम पड़ जाता है। लेकिन उसी घोर अंधकार में जब इंसानियत दीपक बनकर जलती है, तो….




