गौला नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की चिन्ता का कब होगा निदान

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बिन्दुखत्ता/ गौला नदी के प्रचंड वेग ने तटवर्ती क्षेंत्र में बसे लोगों की नींद हराम कर दी है पिछले दो दिन पूर्व हुई वर्षा के कहर से भयभीत लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात शुरु होते ही व भयानक वर्षा के दौर में गौला नदी का प्रचण्ड रूप तटवर्ती क्षेंत्र के लोगों की नीद के लिए अभिशाप बन गया है बीते वर्षों से लेकर अब तक कई लोगों की कई एकड़ उपजाऊ जमीन नदी के रौद्र रूप में समा गयी है
नदी के विकराल रूप से अक्सर बिन्दुखत्ता के तटवर्ती इन्द्रानगर के लोग खासे चिंतित रहते है नदी का वेग बढते ही यहाँ के लोगों की चिंता की लकीरें बढ़ जाती है बारहाल दर्जनों परिवारों के समक्ष अपने अस्तित्व को लेकर बेहद चिंता है

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अब तक कई लोगों की जमीन नदी के रौद्र रूप में समा चुकी है। ग्रामीण लंबे समय से ठोस मजबूत टिकाऊ तटबंध बनाने की शासन प्रशासन से मांग करते आ रहे है जिनकी मागें आज भी अधूरी है उचित स्थान पर तटबंध नहीं बनने के चलते तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में घरों के बहने का भय व्याप्त हो गया है।
नदी किनारे रहने वाले इन्द्रानगर के दर्जनों परिवार दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावितों एवं पीड़ितों की बची खुची जमीन की सुरक्षा हेतु बेहतर ढंग से तटबन्धों का निर्माण किया जायें ताकि भू कटाव के दंश से लोगों को निजात मिल सके और उनका अस्तित्व बचा रहे