(बिरसा मुंडा शहादत दिवस 9 जून पर विशेष) *आज भी जीवंत है आदिवासी जीवन में उलगुलान और भगवान बिरसा मुंडा की ध्वनि
यह सर्वविदित है कि लेखिका महाश्वेता देवी ने अपना साहित्य आदिवासी व वंचित समुदायों के जन-जीवन को गहराई से देखकर रचा और उनके संघर्ष को उभारने की कोशिश की। उन्होंने….










