रानीखेत:
जनसेवा जब निस्वार्थ समर्पण और आत्मीय संवेदना से जुड़ती है, तो वह राजनीति की सीमाओं से परे उठकर जनता के दिलों में स्थायी जगह बना लेती है। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में आज यही विश्वास और अपनत्व विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के रूप में साकार दिख रहा है। सादगी, सहजता और मानवीय मूल्यों की प्रतिमूर्ति डॉ. नैनवाल ने स्वयं को केवल एक जनप्रतिनिधि तक सीमित न रखकर हर आम और खास के परिवार का सदस्य साबित किया है। सुख हो या दुख, वह सदैव जनता के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। आधी रात को भी किसी जरूरतमंद की पुकार हो या किसी असहाय की गंभीर समस्या, उनकी त्वरित मदद और संवेदनशीलता आज पूरे क्षेत्र में चर्चा और सम्मान का विषय बनी हुई है।
जनता के दुख-दर्द को अपना समझने वाले डॉ. नैनवाल का यही आत्मीय भाव उनके अभूतपूर्व विकास कार्यों में भी साफ झलकता है। उनके सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी विजन के चलते रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, धार्मिक धरोहर, जल संरक्षण, कनेक्टिविटी और कृषि के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जा चुकी है।
बहुमंजिला पार्किंग और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात
यातायात की समस्याओं के स्थायी समाधान और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए विधायक के प्रयासों से ऐतिहासिक परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं:
- चिलियानौला मल्टी स्टोरी कार पार्किंग: पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या को हल करने के लिए जनपद अल्मोड़ा के चिलियानौला में 4.86 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मल्टी स्टोरी कार पार्किंग का निर्माण स्वीकृत किया गया।
- तहसील व कस्बों में टैक्सी व ट्रैक स्टैंड: नगर पंचायत भिकियासैंण में 89.63 लाख रुपये की लागत से ट्रैक स्टैंड और 76.42 लाख रुपये की लागत से टैक्सी पार्किंग का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही भतरौजखान में 99.03 लाख रुपये की लागत से टैक्सी पार्किंग निर्माण को गति दी गई।
- चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार: राजकीय नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में मातृ-शिशु देखभाल व बेहतर प्रबंधन के लिए 80.00 लाख रुपये की लागत से लेबर रूम व प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया गया।
- आयुष व ग्रामीण चिकित्सालय: चमड़खान में आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पताल निर्माण (2.84 लाख रुपये) और सोनी रानीखेत में राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय (2.56 लाख रुपये) का कार्य कराया गया। साथ ही चमड़खान के आयुर्वेदिक चिकित्सालय व वैलनेस सेंटर में 3.00 लाख रुपये से योगा सेंटर में टिनशेड का निर्माण कराया गया।
शिक्षा का सशक्तिकरण: विज्ञान प्रयोगशालाओं और आधुनिक भवनों का निर्माण
दूरदराज के नौनिहालों को उच्चस्तरीय शिक्षा और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने के लिए विद्यालयों का बुनियादी ढांचा सुदृढ़ किया गया:
- आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं: राजकीय इंटर कॉलेज पंतस्थली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण (प्रत्येक 24.00 लाख रुपये) कराया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भिकियासैंण में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण (प्रत्येक 26.77 लाख रुपये) स्वीकृत हुआ। सिलोर महादेव रा.इ.का. में भौतिक व जीव विज्ञान प्रयोगशाला (प्रत्येक 26.77 लाख रुपये) तथा भुजान रा.इ.का. में जीव विज्ञान प्रयोगशाला (26.77 लाख रुपये) व महिला शौचालय (4.86 लाख रुपये) का निर्माण कराया गया। जनौली रा.इ.का. में 26.77 लाख रुपये की लागत से जीव विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की गई।
- डिजिटल शिक्षा व नए स्कूल भवन: राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज चिलियानौला में 24.98 लाख रुपये की लागत से हाईटेक कंप्यूटर कक्ष का निर्माण कराया गया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रतीघाट में 49.37 लाख रुपये की लागत से भव्य भवन निर्माण कराया गया।
- कम्युनिटी लैब व विद्यालयी सुविधाएं: रा.उ.मा.वि. जनौली में 22.78 लाख रुपये की लागत से कम्युनिटी लैब का निर्माण और 7.66 लाख रुपये से मरम्मत कार्य कराया गया। रा.इ.का. विनायक जमोली में 3.00 लाख रुपये से टिनशेड, रा.प्रा.वि. भिकियासैंण में 3.00 लाख से टिनशेड, रा.इ.का. मण्डलकोट में 3.00 लाख से क्रीड़ा स्थल और जूनासू थाना में 22.60 लाख रुपये से कंप्यूटर कक्ष का निर्माण कराया गया।
आस्था, पर्यटन और संस्कृति का ऐतिहासिक पुनरुद्धार
क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और तीर्थ स्थलों के कायाकल्प के लिए व्यापक बजट स्वीकृत किए गए:
- प्रमुख तीर्थ स्थलों का भव्य सौंदर्यीकरण: पापडा स्थित सिलोर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु 85.32 लाख रुपये और प्राचीन जियारानी मंदिर तिपोला के लिए 70.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। प्रसिद्ध बिनसर महादेव मंदिर के लिए 65.83 लाख रुपये और सद्गुरु धाम लोधियाखान के सौंदर्यीकरण हेतु 55.77 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई।
- पर्यटन स्थलों का संवर्धन: पर्यटन कार्यालय रानीखेत में नवीनीकरण व गेस्ट रूम निर्माण (31.50 लाख रुपये), पर्यटन गेस्ट हाउस रानीखेत अवशेष निर्माण (30.00 लाख रुपये), फर्नीचर आपूर्ति (13.61 लाख रुपये) तथा उच्चीकरण व लैंड स्केपिंग (9.00 लाख रुपये) के कार्य कराए गए। चौबटिया उद्यान में पर्यटकों की सुविधा हेतु ड्रेनेज, कलवर्ट व रिटेनिंग वॉल (20.00 लाख रुपये) और पुष्प वाटिका में चैन लिंक फेंसिंग (8.00 लाख रुपये) के कार्य संपन्न हुए।
- स्वतंत्रता सेनानियों को नमन: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. हीरा बल्लभ तिवारी जी के पैतृक गांव खड़गाली (ग्राम झलोड़ी) में प्रतिमा रंग-रोगन, स्मारक भवन और बैंचों के निर्माण हेतु 20.00 लाख रुपये की लागत से कार्य कराया गया। स्वतंत्रता सेनानी पं. रामदत्त पांडे जी की मूर्ति अनावरण (ताड़ीखेत, 5.00 लाख रुपये) और स्व. जयदत्त बैला राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मूर्ति अनावरण (5.00 लाख रुपये) का कार्य कराया गया।
- ग्रामीण मंदिरों व मेलों का संरक्षण: ताड़ीखेत के ग्वेल मंदिर में बंदरों से बचाव हेतु जाली निर्माण (4.00 लाख), भिकियासैंण कालिका मंदिर स्थल विकास (4.00 लाख), रक्षेश्वर महादेव में गौशाला (5.00 लाख), पिलखोली घटघटेश्वरी मंदिर (3.50 लाख), स्वर्गाश्रम बिनसर महादेव सुरक्षा दीवार (5.00 लाख), देवलीखेत में माँ नन्दा सुनंदा आमंत्रण कदली वृक्ष स्थल सुरक्षा दीवार (3.00 लाख) तथा विभिन्न गांवों के मेला स्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया।
किसान कल्याण, पलायन रोकथाम व जल संरक्षण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और कृषकों की आजीविका सुरक्षित करने के लिए बहुआयामी कदम उठाए गए:
- फसल सुरक्षा व चैन लिंक फेंसिंग: जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ब्लॉक भिकियासैंण (दन्यौ, हरनौली, गंगोड़ा, सिनोडा, पाली आदि) और ब्लॉक ताड़ीखेत (टूनाकोट, उपराड़ी, पापड़ा, देवलीखेत, मोवड़ी आदि) के गांवों में बड़े पैमाने पर खेतों में कांटेदार तारबाड़ व चैन लिंक फेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई। ताड़ीखेत के बिल्लेख टूनाकोट में 10.00 लाख रुपये की लागत से घेरबाड़ कार्य हुआ।
- पलायन रोकथाम व स्वरोजगार: मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत महरतानादूंगा, बघाड और दलमोड़ी में 10 बकरी पालन इकाइयां तथा भिकियासैंण के बघाड व बाजन में 10 कुक्कुट पालन इकाइयां स्थापित की गईं। साथ ही राज्य योजना के अंतर्गत ताड़ीखेत में 10 कुक्कुट पालन इकाइयां, नैकणा व कोटियाग में 2 गौ पालन इकाइयां और बासोट-सिनोड़ा में 6 बकरा सांड की स्थापना की गई।
- वर्षा जल संचयन व सिंचाई तंत्र: स्व. जयदत्त वैला पीजी कॉलेज (3.99 लाख रुपये) और नगर पालिका कार्यालय चिलियानौला परिसर (3.99 लाख रुपये) में वर्षा जल संरक्षण टैंक बनाए गए। राष्ट्रीय कृषि योजना के अंतर्गत गैरगाँव में जल संभरण टैंक (7.50 लाख) और झड़कोट, दलमोड़ी, बघाड, बिनोली, चनोली आदि में चेक डैम व सुरक्षा दीवारों का निर्माण (19.58 लाख रुपये) कराया गया। इसके अतिरिक्त भिकियासैंण में 25 जीओ लाइन तथा ताड़ीखेत में 6 जीओ लाइन सिंचाई टैंकों का निर्माण सुनिश्चित किया गया।
ग्रामीण विकास व संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण
- भिकियासैंण के जैनल में 6.00 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क का निर्माण कराया गया।
- मानिला मन्दिर कमराड मुख्य मार्ग में 3.00 लाख रुपये की लागत से सीसी मार्ग तैयार किया गया।
- झूलादेवी रानीखेत के राम मंदिर मार्ग हेतु 5.00 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क बनी।
- देवलीखेत से नाफडा जीप मोटर मार्ग पर तोटगाड गधेरे पर 5.00 लाख रुपये से काजबे व सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया।
- पपनैकोठार, सिरकोट नाहोरी, हरनोली पटवाल वाखली और भडगाँव सहित दर्जनों गांवों में संपर्क मार्गों, खड़ंजा रास्तों व सुरक्षा दीवारों का निर्माण कर ग्रामीणों की राह आसान की गई।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के ये दूरदर्शी कार्य दर्शाते हैं कि जनसेवा जब संवेदनशील हृदय और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ की जाती है, तो क्षेत्र का सर्वांगीण विकास स्वतः परिलक्षित होने लगता है। आज रानीखेत का प्रत्येक नागरिक अपने विधायक की कार्यशैली, सरलता और सेवाभाव पर गर्व की अनुभूति कर रहा है।
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