केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मिशन बिहार 2025 पर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसके लिए उन्होंने राजनीतिक बिसात भी बिछाना प्रारंभ कर दिया है। सरकारी योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यासों के साथ ही अपने इस मिशन के लिए उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगियों के साथ अपने समीकरणों को भी साधना प्रारंभ कर दिया है।
गृह मंत्री ने बिहार के पटना में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की 800 करोड़ रूपए से अधिक लागत वाली विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि विगत 10 साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के करोड़ों गरीबों के कल्याण के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी सरकारों ने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने 10 साल में गरीबों को घर, बिजली, गैस, पेयजल, शौचालय, दवाएं और 5 किलो मुफ्त अनाज दिया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने 80 करोड़ लोगों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज, 4 करोड़ लोगों को घर, 11 करोड़ गैस सिलेंडर, 12 करोड़ से अधिक शौचालय और 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान, महिलाएं, डेयरी, मत्स्यपालन और कृषि से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के लिए आज़ादी के 75 साल बाद देश में सहकारिता मंत्रालय का गठन किया।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 साल तक देश में किसी को भी सहकारिता को मज़बूत करने के बारे में सोचने की फुरसत नहीं थी। उन्होंने कहा कि बिहार, भूमि, जल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है और आने वाले समय में इस राज्य को सहकारिता क्षेत्र का सबसे अधिक फायदा होगा।
इस पूरे कार्यक्रम में अमित शाह के निशाने पर विपक्ष रहा। उन्होंने कहा कि विपक्षी सरकारों के शासनकाल में बिहार में सहकारिता को पूरी तरह चौपट कर दिया गया था और सैकड़ों चीनी मिलें बंद हो गईं थीं। उन्होंने कहा कि एक ज़माने में बिहार का चीनी उत्पादन देश के चीनी उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक था जो विपक्षी सरकारों के कार्यकाल में घटकर 6 प्रतिशत से भी कम रह गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का काम करेगी।उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 तक विपक्षी सरकारों ने बिहार में हत्या, अपहरण, फिरौती, डकैती और लूटपाट की एक इंडस्ट्री चलाई जिसने राज्य को पूरी तरह से बरबाद कर दिया। बिहार में विपक्षी सरकारों के शासनकाल में जातीय नरसंहार हुए, सत्तापोषित भ्रष्टाचार हुआ और चारा घोटाले से राज्य को देश और दुनिया में बदनाम करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सरकार को बिहार के इतिहास में हमेशा के लिए जंगलराज के रूप में जाना जाएगा।बिहार में नीतीश सरकार के 10 साल के कार्यकाल में हर गांव तक सड़क, बिजली और नल से जल पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने घर, शौचालय, पानी, दवाएं, राशन देकर बिहार के गरीबों के कल्याण के काम किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली केन्द्र सरकार के 10 साल के कार्यकाल में बिहार को 2 लाख 80 हज़ार करोड़ रुपए दिए गए थे जबकि मोदी सरकार के 10 साल में बिहार को 9 लाख 23 हज़ार करोड़ रूपए दिए गए हैं। श्री शाह ने कहा कि बिहार में 4 लाख करोड़ रूपए के सड़क और पुल, 1 लाख करोड़ रूपए के रेलवे प्रोजेक्ट्स और 2 हज़ार करोड़ रूपए के एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 8 हज़ार करोड़ रूपए से बिहार में 7 बड़े पुलों का निर्माण हो रहा है, 31 हज़ार करोड़ रूपए से 5 हज़ार किलोमीटर लंबी रेल लाइन बन रही है और देश में पहली किसान रेल भी बिहार से ही शुरू हुई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बिहार में मखाना बोर्ड बनाया और बरौनी के खाद कारखाने सहित 766 अन्य प्रोजेक्ट भी केन्द्र सरकार की मदद से राज्य में शुरू हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का विकास का 20 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है और अब यहां से जंगलराज समाप्त हो चुका है।
मोदी सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को मज़बूत करने के लिए कई काम किए हैं। राज्य में मखाना केन्द्र बनाया है और अब मक्का संशोधन केन्द्र को 1 हज़ार करोड़ की लागत से पुनर्जीवित कर मक्का उगाने वाले किसानों के लिए कई योजनाएं भी हम लाने वाले हैं। आज किसानों का पूरा मक्का, दलहन, गेहूं और चावल, भारत सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। श्री शाह ने कहा कि आज बिहार देश में लीची, मशरूम और मखाने के उत्पादन में प्रथम स्थान, मक्का उत्पादन में दूसरे, मसूर दाल और शहद उत्पादन में तीसरे, मूंग और गन्ना उत्पादन में पांचवे और गेहूं और चावल उत्पादन में छठे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि विकास और सहकारिता के विकास की बहुत संभावनाएं हैं जिनका शत प्रतिशत दोहन किया जाएगा। बंद पड़ी 30 चीनी मिलों को शुरू करने में सरकार अपनी पूरी ऊर्जा लगा देगी।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी एक बार फिर भाजपा को भरोसा दिया कि अब वह कभी इधर-उधर नहीं जाएंगे, बल्कि एनडीए में बने रहेंगे। सहकारिता विभाग के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमसे गलती हो गई कि हम दो बार उधर चल गए। हमारी पार्टी के ही कुछ लोगों ने गड़बड़ कर दिया था। इसलिए हम इधर से उधर चले गए थे, लेकिन अब हम लोगों ने तय कर लिया है कि कभी उधर नहीं जाएंगे। मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने ही मुझे मुख्यमंत्री बनाया था। अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझ पर भरोसा जताया था। हम कैसे भूल सकते हैं। हम लोग शुरू से मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले थे, उस समय बिहार में कोई काम नहीं हुआ था। वे लोग हिंदू और मुस्लिम के बीच सिर्फ झगड़ा करवाते थे। पढ़ाई को लेकर कोई संसाधन नहीं था। जब हम लोग 2005 में आए, तब यह सब ठीक किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर हमने काम किए हैं। हमने बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, बिहार में स्वयं सहायता समूह बनाया और ‘जीविका दीदी’ का नाम दिया। नीतीश कुमार ने कई अन्य विकास योजनाओं की भी चर्चा की और बताया कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार से भरपूर मदद मिल रही है।
चुनाव पूर्व बिहार में जिन योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया उनमें, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत कुल पच्चीस पैक्स में बासठ हज़ार पाँच सौ मेट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित करने की ₹83.16 करोड़ की लागत वाली परियोजना का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा गृह विभाग के कुल 133 पुलिस भवनों के निर्माण का शिलान्यास किया गया जिनकी लागत ₹181.14 करोड़ है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तीन परियोजनाओं का भी आज शिलान्यास किया गया जिनकी लागत ₹109.16 करोड़ है। साथ ही, दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान, पटना में निर्मित एक छात्रावास का उद्घाटन किया गया जिसपर ₹27.29 करोड़ की लागत आयी है। समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत ₹46 लाख की लागत से निर्मित मखाना प्रोसेसिंग सह विपणन केंद्र तथा ₹2.27 करोड़ की लागत से निर्मित कुल 11 गोदामों का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही, नगर आवास और विकास विभाग की अमृत-1 परियोजना के अंतर्गत कुल ₹421.41 करोड़ की लागत से कुल पाँच पेयजल आपूर्ति योजनाओं का भी लोकार्पण हुआ है।
इस सबके साथ ही अमित शाह ने मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगियों के साथ भावी राजनीतिक समीकरण को भी साधा। इस बैठक में चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर सभी दलों के बीच चर्चा हुई। बैठक से निकलने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर करीब आधे घंटे एनडीए घटक दलों की बैठक हुई। इस बैठक में सभी प्रमुख नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोजपा (रामविलास) के चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा के अलावा जदयू, भाजपा के अन्य कई नेता शामिल हुए।
उन्होंने बताया, “बैठक में बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगामी रणनीति पर चर्चा हुई और सभी ने आपसी समन्वय के तहत 2025 के चुनाव की तैयारी को आगे बढ़ाने पर विचार किया। सभी लोगों का एक ही विचार था कि अभी से ही हम लोग समन्वय बनाकर चुनाव की तैयारी में लग जाएं। बैठक में विधानसभा स्तर पर एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन करने को लेकर भी बातचीत हुई है।”बैठक में सीट बंटवारे को लेकर भी मोटे तौर पर चर्चा हुई लेकिन यह भी कहा गया कि सीट नहीं, चुनाव जीतना महत्वपूर्ण है और इसे ही लक्ष्य बनाना है। बैठक में यह बात भी कही गई कि सभी 243 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ना है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज में भी एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने इस जनसभा में राजद अध्यक्ष लालू यादव के परिवार पर जमकर सियासी हमला बोला। इसके बाद राजद ने शाह पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने केवल झूठ बोलने का काम किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब चुनाव आता है तो बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। चुनाव के बाद वह जुमला हो जाता है। अगर इतना पैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया तो यह बताएं कि कहां दिया है? किस सेक्टर में दिया है? उसका विवरण लोगों को बताना चाहिए।”उन्होंने कहा कि जब चुनाव आता है तो केवल घोषणा करते हैं, लेकिन 20 साल में उन्होंने क्या काम किया, उसकी गिनती उन्होंने नहीं बताई है।”
उन्होंने आगे कहा कि राजद अध्यक्ष लालू यादव को गाली देना तो लोगों का फैशन है, इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। ये लोग झूठ बोलने आए हैं। झूठ बोलने का प्रयास करेंगे, ठगने का प्रयास करेंगे। जुमलेबाजी करेंगे, फिर इनका काम खत्म हो जाएगा। इसके बाद जहां चुनाव होगा, वहां चले जाएंगे। इधर, राजद के सांसद मनोज झा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार आए और आदतन झूठ बोले। उनकी भाषा कई वर्षों से सुन रहा हूं। मनोज झा ने कहा, “राजद का दौर कुछ और था और उनका जो दौर रहा है, उस पर चर्चा हो। बस इतना कहना है कि बिहार के चुनाव में तेजस्वी यादव ने एक लंबी लकीर खींच दी है, नौकरी की, माई बहिन सम्मान योजना के तहत 2,500 रुपये महिलाओं को देने की, 200 यूनिट फ्री बिजली देने की, इस पर बात करिए। मौलिक मुद्दों पर बात होगी। आपको मौलिक मुद्दों पर लाएंगे। आपको झूठ नहीं बोलने देंगे।”(विनायक फीचर्स)



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