जनसेवा और विकास के पर्याय बने विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल: सुख-दुख के सच्चे हमदर्द, रानीखेत में गढ़ी विकास की नई गाथा

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रानीखेत। राजनीति जब जनसेवा का माध्यम बन जाए, तो जनप्रतिनिधि केवल एक नेता नहीं बल्कि जन-जन के परिवार का सदस्य बन जाता है। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में इस कथन को यथार्थ के धरातल पर साकार कर रहे हैं क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल। सहज, सरल और सौम्य स्वभाव के धनी डॉ. नैनवाल आज क्षेत्र में मानवीय गुणों की एक अद्भुत मिसाल बन चुके हैं। क्षेत्र का कोई भी जरूरतमंद हो, बुजुर्ग हो या युवा, उसकी पुकार पर तत्परता से खड़ा होना उनकी पहचान बन चुका है। जनता के हर सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले डॉ. नैनवाल ने न केवल आमजन के दिलों में आत्मीय स्थान बनाया है, बल्कि बुनियादी विकास की मजबूत नींव रखकर समूचे विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर भी बदल दी है।

शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, आपदा सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र को एक नई गति दी है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

शिक्षा के मंदिर संवारने को सर्वोच्च प्राथमिकता

भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए डॉ. नैनवाल ने प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया है:

  • उच्च शिक्षा को नई उड़ान: रानीखेत डिग्री कॉलेज के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण, बीबीए व बीसीए जैसे आधुनिक रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा महाविद्यालय को स्वायत्तशासी दर्जा दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
  • आदर्श विद्यालयों का निर्माण: राजकीय प्राथमिक विद्यालय सौनी को 20.00 लाख रुपये की लागत से तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय भिकियासैंण को 9.00 लाख रुपये की लागत से आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है।
  • आधुनिक प्रयोगशालाएं एवं सुविधाएं: रा.इ.का. चौनलिया में 15.06 लाख रुपये तथा 19.21 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटर प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया गया।
  • विद्यालयी भवनों व परिसरों का कायाकल्प: भुजान इंटर कॉलेज में चारदीवारी, प्रवेश द्वार व सीसी मार्ग हेतु 10.00 लाख रुपये तथा रा.उ.मा.वि. सालीखेत में चारदीवारी निर्माण हेतु 10.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
  • प्राथमिक शिक्षा में सुधार: रा.प्रा.वि. बाजन (6.00 लाख रुपये), रा.प्रा.वि. रिखाड़ (5.00 लाख रुपये) एवं रा.प्रा.वि. पीपलखण्ड (5.00 लाख रुपये) में वृहद मरम्मत कार्य कराए गए।
  • छात्र सुविधाओं का विस्तार: रा.इ.का. विनायक जमोली एवं भिकियासैंण में मध्याह्न भोजन कक्ष व टिन शेड हेतु 3.00-3.00 लाख रुपये, रा.इ.वि. मण्डलकोट में शौचालय निर्माण (3.00 लाख रुपये) व खेल मैदान समतलीकरण (3.00 लाख रुपये) तथा जैनोली विद्यालय के समीप 5.00 लाख रुपये से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया।
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सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा एवं जल संरक्षण से किसानों व गांवों को संबल

पर्वतीय कृषि को सशक्त करने तथा ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड योजनाएं धरातल पर उतरी हैं:

  • गांधी कुटीर का ऐतिहासिक जीर्णोद्धार: विकासखण्ड ताड़ीखेत में स्थापित गांधी कुटीर के जीर्णोद्धार एवं विशाल हॉल निर्माण हेतु 99.21 लाख रुपये की ऐतिहासिक धनराशि स्वीकृत कराई गई।
  • नहरों का नेटवर्क एवं जीर्णोद्धार: नाबार्ड मद से ताड़ीखेत की 4 पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्धार हेतु 41.54 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही नाबार्ड के अंतर्गत ताड़ीखेत में टाना नहर (19.18 लाख रुपये), ज्यूली नहर (8.10 लाख रुपये) और कुठारसेरा नहर (12.48 लाख रुपये) के जीर्णोद्धार कार्य संपन्न हुए।
  • गगास नदी व बस्तियों की बाढ़ सुरक्षा: नगर पंचायत भिकियासैंण के किनारी बाजार में गगास नदी की जद में आ रहे आवासीय मकानों की सुरक्षा हेतु 15.00 लाख रुपये से प्लम निर्माण व 15.00 लाख रुपये से चेकडैम निर्माण कराया गया, साथ ही फेज-2 के तहत 5.00 लाख रुपये का अतिरिक्त कार्य स्वीकृत हुआ।
  • चेक डैम एवं जल संवर्धन: दाड़िम तोक (खुश्यालकोट) में 16.36 लाख रुपये की लागत से नाबार्ड मद के अंतर्गत चेक डैम का निर्माण किया गया।
  • लिफ्ट सिंचाई व गूल सुधारीकरण: बाडीकोट लिफ्ट सिंचाई योजना में 25.00 लाख रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाने, 4.14 लाख रुपये से सुरक्षा दीवार तथा 4.67 लाख रुपये से पम्प हाउस का पुनर्निर्माण कराया गया। साथ ही खनोलिया व सनणा महादेव योजनाओं में पम्प हाउस व पाइपलाइन के अनेक कार्य संपन्न हुए।
  • स्थानीय आपदा सुरक्षा: दलमोड़ी गधेरे (5.00 लाख रुपये), दुगणा मुख्य मार्ग गधेरे (5.00 लाख रुपये) तथा बगवाली रौतेला व दूभणा में आवासीय सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया गया।
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आस्था, संस्कृति और पर्यटन को नया आयाम

धार्मिक स्थलों के गौरव को पुनर्स्थापित करने और रानीखेत को पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं:

  • पर्यटन अवसंरचना का विकास: रानीखेत पर्यटन गेस्ट हाउस के अवशेष निर्माण हेतु 30.00 लाख रुपये तथा पर्यटन कार्यालय व गेस्ट हाउस के उच्चीकरण व लैंडस्केपिंग हेतु 9.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पर्यटन नगरी में 8.00 लाख रुपये से स्टारगेजिंग एवं अवस्थापना विकास का कार्य हुआ।
  • जन-सुविधाएं एवं व्यू पॉइंट: गनियाद्योली (सीडीएफ गेट) पर 5.00 लाख रुपये की लागत से यात्री प्रतीक्षालय व आकर्षक सनसेट व्यू पॉइंट का निर्माण कराया गया।
  • आस्था के केंद्रों का कायाकल्प: सिलोर महादेव मंदिर में पर्यटन स्थल विकास एवं घाट निर्माण हेतु विभिन्न चरणों में 16.00 लाख रुपये (5+5+6 लाख रुपये) के कार्य कराए गए।
  • धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण: प्रसिद्ध माँ कालिका मंदिर खुरेडी में 10.00 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण व स्नानघर निर्माण, मनकामेश्वर मंदिर व गुरुद्वारा साहिब परिसर रानीखेत का 5.00 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण, ज्यूड़ी में भूमिया व चौड़ी गोलज्यू मंदिर हेतु 8.00 लाख रुपये, ग्राम सरोली में भूमिया मंदिर हेतु 4.00 लाख रुपये तथा डौड़ाखाल के प्राचीन कालेश्वर महादेव मंदिर हेतु 3.00 लाख रुपये के कार्य पूरे कराए गए।
  • विरासत व ग्रामीण मेलों का संवर्धन: बिन्सर महादेव, चमड़कखान ग्वेल मंदिर, सिद्ध बाबा मंदिर लौकोट, हरहित राजा मंदिर तथा बगवाली रौतेला मेला स्थल का सुंदरीकरण कर क्षेत्रीय लोकसंस्कृति को नई पहचान दी गई।
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पलायन रोकथाम एवं पर्यावरण संरक्षण

ग्रामीणों को स्वरोजगार और खेती से जोड़े रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत ताड़ीखेत में 10.00 लाख रुपये की लागत से फसल सुरक्षा हेतु तारबाड़ कार्य किया गया। वहीं, चमडोली में 13.63 लाख रुपये से सिंचाई सोलर पम्पसेट योजना की स्थापना की गई। इसके अलावा नगरपालिका क्षेत्र चिलियानौला स्थित महाविद्यालय में वर्षा जल संरक्षण तथा दाडीमी गधेरे में 7.79 लाख रुपये की लागत से जल संवर्धन कार्य संपन्न कराए गए।

डॉ. प्रमोद नैनवाल का यह विकासपरक विजन और मानवीय दृष्टिकोण रानीखेत विधानसभा को समग्र खुशहाली और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है। जनसेवा के प्रति उनकी यही अटूट निष्ठा उन्हें जनता का सच्चा और विश्वसनीय प्रतिनिधि बनाती है।

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