रानीखेत (अल्मोड़ा): राजनीति जब जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ती है, तो क्षेत्र के विकास को नई दिशा और गति मिलती है। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में आज यही दृश्य धरातल पर साकार हो रहा है, जहाँ स्थानीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल जनता के सच्चे अभिभावक और सुख-दुख के अटूट साथी बनकर उभरे हैं। आम जनमानस के लिए उनके दरवाजे 24 घंटे खुले रहते हैं। किसी असहाय की चिकित्सा सहायता हो या किसी जरूरतमंद की व्यक्तिगत विपदा, डॉ. नैनवाल हर मोर्चे पर तत्परता और आत्मीयता के साथ खड़े दिखाई देते हैं। उनके इसी सहज, सरल और सहृदय व्यवहार ने उन्हें रानीखेत की जनता का चहेता बना दिया है।
मानवीय सरोकारों के साथ-साथ विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने रानीखेत के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सड़क नेटवर्क को संवारने में भी ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उनके अथक प्रयासों से स्वीकृत एवं संचालित प्रमुख विकास योजनाओं का ब्यौरा इस प्रकार है:
स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार और अत्याधुनिक सुविधाएं
- रानीखेत चिकित्सालय का सुदृढ़ीकरण: जी.एस.एम. (G.S.M.) नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक कलर एन.आई.सी.यू. (N.I.C.U.) का लोकार्पण कराया गया।
- अत्याधुनिक जांच व ऑपरेशन तकनीक: अस्पताल में आधुनिक कलर एक्स-रे, नई अल्ट्रासाउंड मशीन, दूरबीन विधि से ऑपरेशन हेतु लैप्रोस्कोप मशीन तथा ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित कराई गई।
- सीएचसी भिकियासैण का कायाकल्प: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैण में 60.00 लाख की लागत से आधुनिक पैथोलॉजी लैब का निर्माण और 75.00 लाख की लागत से अस्पताल का सौंदर्यीकरण स्वीकृत कराया गया।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएं: भतरौजखान में पशु सेवा केंद्र को उच्चीकृत कर पशु चिकित्सालय का रूप दिया गया तथा प्राथमिक चिकित्सालय भतरौजखान के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा स्वीकृत कराई गई।
सड़क नेटवर्क, सुरक्षा और परिवहन क्रांति
- प्रमुख राजमार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण: खैरना-रानीखेत-मोहन मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-14) के किमी 00 से 26 तक के सुधारीकरण व डामरीकरण हेतु 32.45 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि स्वीकृत कराई गई।
- पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा को प्राथमिकता: प्रान्तीय खण्ड लोनिवि के तहत राज्य मार्गों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट और साइनेज आदि सड़क सुरक्षा कार्यों हेतु 23.3 करोड़ रुपये तथा खैरना-रानीखेत-मोहन मार्ग पर मेटल बीम क्रैश बैरियर के लिए 18.51 करोड़ रुपये का कार्य स्वीकृत हुआ।
- दीर्घकालिक सड़क निर्माण योजनाएं: मझेड़ा-कुमारती-सौरे-नौरड़ मोटर मार्ग निर्माण (स्टेज-1) हेतु 14.4 करोड़ रुपये, भिकियासैण-थापला मोटर मार्ग हेतु 9.41 करोड़ रुपये तथा नौला-सौखेत-दलमोड़ी-सिनार मोटर मार्ग किमी 6 से 9 तक के लिए 21.2 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई गई।
- पीएमजीएसवाई (PMGSY) के अंतर्गत संपर्क मार्ग: बुचडी-पंतकोतली से गगास मोटर मार्ग हेतु 9.10 करोड़ रुपये, ताड़ीखेत-पीपली मोटर मार्ग डामरीकरण हेतु 5.67 करोड़ रुपये तथा सौनी-बिनसर महादेव से तितालीखेत मार्ग हेतु 4.79 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए।
- परिवहन तंत्र का विस्तार: रानीखेत बस डिपो में पूर्णकालिक ए.आर.एम. की नियुक्ति के साथ 9.03 करोड़ रुपये की लागत से भव्य बस टर्मिनल निर्माण की नींव रखी गई।
- रोडवेज एवं प्रशासनिक सौगात: ताड़ीखेत में 9.79 करोड़ रुपये की लागत से भव्य रोडवेज कार्यशाला का निर्माण कार्य कराया गया तथा जनता की सुविधा हेतु ताड़ीखेत में ए.आर.टी.ओ. (ARTO) कार्यालय का शुभारंभ कराया गया।
शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण एवं युवा सशक्तीकरण
- महाविद्यालयी शिक्षा का विस्तार: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में 7.00 करोड़ की लागत से नए अकादमिक ब्लॉक, 4.5 करोड़ की लागत से आधुनिक महिला छात्रावास तथा 1.09 करोड़ से चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है।
- रोजगारपरक पाठ्यक्रम: महाविद्यालय में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बीबीए (BBA) और बीसीए (BCA) पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए तथा कंप्यूटर शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 50 अतिरिक्त कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए।
- बंद पड़े संस्थानों का पुनर्जीवन: विगत सात वर्षों से बंद पड़े राजकीय पॉलिटेक्निक चौनलिया को पुन: संचालित कर वहां सिविल व कंप्यूटर साइंस के नए ट्रेड शुरू करवाए गए। साथ ही 7 साल से बंद आईटीआई (ITI) बमस्यौं का संचालन भी शुरू कराया गया।
- प्राथमिक शिक्षा व खेलकूद: वर्षों से बंद पड़े राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीपलखण्ड व कारचूली में पठन-पाठन पुन: प्रारंभ कराया गया। युवाओं के खेल विकास हेतु रानीखेत एनसीसी ग्राउंड में खेल स्टेडियम विस्तार के लिए 3.00 करोड़ रुपये की घोषणा कराई गई।
धार्मिक आस्था, पर्यटन और जनहितकारी सुविधाएं
- पौराणिक मंदिरों का जीर्णोद्धार: मानिला मंदिर कमराड़ के सौंदर्यीकरण हेतु 1.59 करोड़ रुपये तथा भिकियासैण स्थित राजा जी मंदिर हेतु 94 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
- सामूहिक मंदिर संरक्षण: काल भैरव मंदिर, नवाड शिव मंदिर, हीरानन्द महाराज मंदिर, उगलिया व उणुली महादेव मंदिर सहित 6 मंदिरों के लिए 25-25 लाख रुपये की स्वीकृति कराई गई। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के तहत झूला देवी, चामुथान और बिल्लेख देवी मंदिर सहित 6 अन्य मंदिरों के सौंदर्यीकरण की घोषणा कराई गई।
- ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: लौकोट से बिनसर महादेव वन क्षेत्र को बर्ड वॉच सेंटर और ट्रैकिंग रूट के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक स्वीकृति मिली। वर्षों से बंद रानीखेत पर्यटन कार्यालय का पुन: संचालन शुरू कराया गया।
- नागरिक सुविधाएं एवं आपदा प्रबंधन: चिलियानौला में आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग व उसके ऊपर सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया।
- सुरक्षा व प्रशासनिक इकाइयां: भिकियासैण में 2.00 करोड़ की लागत से पुलिस चौकी भवन का निर्माण, अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) की स्वीकृति तथा गगास नदी पर तटबंध एवं झील निर्माण हेतु 65.00 लाख की डीपीआर स्वीकृत कराई गई।
- ऐतिहासिक प्रशासनिक पहल: रानीखेत के कैंट (छावनी) क्षेत्र को चिलियानौला नगर पालिका में सम्मिलित करने का बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया।
- स्थानीय स्वरोजगार: ताड़ीखेत में बिच्छू घास (कंडाली) से कपड़ा व हर्बल चाय उत्पादन का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर स्वरोजगार के द्वार खोले गए।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के ये ठोस प्रयास दर्शाते हैं कि जब नेतृत्व में संकल्प और सेवा भावना हो, तो विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर नजर आता है। रानीखेत का हर गांव और कस्बा आज बुनियादी सुविधाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में डॉ. नैनवाल ने न सिर्फ विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं, बल्कि हर नागरिक के सुख-दुख में सहभागी बनकर सच्चे जननायक की भूमिका निभाई है।
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