जनसेवा, मानवीय संवेदना और समग्र विकास के संवाहक: रानीखेत के लोकप्रिय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल रच रहे स्वर्णिम इतिहास

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रानीखेत (अल्मोड़ा): जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान सत्ता या पद से नहीं, बल्कि जनमानस के प्रति उसकी संवेदनशीलता, समर्पण और सेवाभाव से होती है। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में इस आदर्श को धरातल पर जीवंत कर रहे हैं स्थानीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल। सहज, सरल और आत्मीय स्वभाव के धनी डॉ. नैनवाल आज न केवल एक कर्मठ जनसेवक के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि मानवीय मूल्यों की अद्भुत मिसाल बनकर हर आम-ओ-खास के सुख-दुख के सच्चे हमदर्द बने हुए हैं।

क्षेत्र के किसी भी कोने में कोई विपदा हो, बीमारी में आर्थिक तंगी से जूझता परिवार हो या फिर किसी पीड़ित को तत्काल सहायता की आवश्यकता—डॉ. नैनवाल हमेशा एक अभिभावक की भांति आगे खड़े नजर आते हैं। उनके आवास और कार्यालय के द्वार चौबीसों घंटे हर जरूरतमंद के लिए खुले रहते हैं। बिना किसी औपचारिकता या प्रोटोकॉल के जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनना और त्वरित समाधान कराना उनकी कार्यशैली का अभिन्न अंग बन चुका है। इसी आत्मीय जुड़ाव और संवेदनशीलता ने उन्हें रानीखेत की जनता के दिलों में विशेष स्थान दिलाया है।

मानवीय सरोकारों के साथ-साथ डॉ. प्रमोद नैनवाल ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे, जल संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। क्षेत्र में उनके प्रयासों से संचालित प्रमुख विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा इस प्रकार है:

पेयजल क्रांति: करोड़ों की योजनाओं से बुझ रही प्यास

पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट को जड़ से समाप्त करने के लिए विधायक डॉ. नैनवाल ने ऐतिहासिक बजट स्वीकृत कराकर धरातल पर उतारा है:

  • विशाल ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं: 39.00 करोड़ रुपये की लागत से रानीखेत ग्रामीण पम्पिंग पेयजल योजना स्वीकृत कराई गई, जिससे ताड़ीखेत ब्लॉक के बोरागांव, खुशलकोट, बमस्यूं, बजोल, टूनाकोट, पाली, नदूली सहित 26 से अधिक गांव लाभान्वित हो रहे हैं।
  • ऐतिहासिक ककलासौ योजना: 32.00 करोड़ रुपये की लागत से श्री हीरानन्द महाराज पम्पिंग पेयजल योजना (ककलासौ) का निर्माण कराया गया, जिससे भतरौजखान बाजार, बगड़वार, रीची, सिरमोली, देवरपानी, धनोली, तिरमोली व नौघर सहित दर्जनों गांवों को भरपूर पेयजल उपलब्ध हुआ है।
  • घाटी एवं दूरस्थ क्षेत्रों का पुनर्गठन: भवानी देवी ग्राम समूह पम्पिंग योजना (भिकियासैंण-बासोट पुनर्गठन) हेतु 17.43 करोड़ रुपये तथा बयेडी ग्राम समूह पम्पिंग योजना के लिए 17.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई गई, जिससे चौपड़, नौणा, मल्ला स्यौं व विशालकोट क्षेत्र जुड़े हैं।
  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत वृहद पम्पिंग कार्य: रानीखेत-ताड़ीखेत पम्पिंग योजना पुनर्गठन हेतु 5.08 करोड़ रुपये, ताड़ीखेत बाजार पम्पिंग योजना हेतु 2.77 करोड़ रुपये, बिल्लेख पम्पिंग योजना हेतु 2.47 करोड़ रुपये, वलना पम्पिंग योजना हेतु 1.76 करोड़ रुपये तथा गंगोड़ा पम्पिंग योजना हेतु 1.40 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए।
  • सिल्लौर व नैथना देवी योजनाएं: सिलोर देवी ग्राम समूह पम्पिंग योजना के लिए 4.99 करोड़ रुपये तथा नैथना देवी पम्पिंग योजना भिकियासैंण के पुनर्गठन हेतु 8.00 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए।
  • स्थानीय व नगरीय जल आपूर्ति: चिलियानौला में ट्यूबवेल पेयजल आपूर्ति हेतु 1.35 करोड़ रुपये, ताड़ीखेत ट्यूबवेल आपूर्ति हेतु 1.65 करोड़ रुपये तथा कड़ाकोट-बैना पम्पिंग सुदृढ़ीकरण हेतु 4.49 करोड़ रुपये की धनराशि से कार्य कराए गए।
  • अस्पताल में जल भंडारण: गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में मरीजों की सुविधा हेतु 22.28 लाख रुपये की लागत से पानी के स्टोरेज टैंक का निर्माण कराया गया।
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सड़क नेटवर्क, सुरक्षा और आधुनिक परिवहन ढांचा

  • प्रमुख राजमार्गों का सुदृढ़ीकरण: खैरना-रानीखेत-मोहन मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-14) के किमी 00 से 26 तक के डामरीकरण व सुधारीकरण हेतु 32.45 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि स्वीकृत हुई।
  • पहाड़ों में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था: प्रान्तीय खण्ड लोनिवि के तहत राज्य मार्गों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट और डेलिनेटर लगाने हेतु 23.3 करोड़ रुपये तथा खैरना-रानीखेत-मोहन मार्ग पर मेटल बीम क्रैश बैरियर के लिए 18.51 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए।
  • दूरस्थ गांवों का सड़क संपर्क: मझेड़ा-कुमारती-सौरे-नौरड़ मोटर मार्ग निर्माण (स्टेज-1) हेतु 14.4 करोड़ रुपये, भिकियासैंण-थापला मोटर मार्ग हेतु 9.41 करोड़ रुपये तथा नौला-सौखेत-दलमोड़ी-सिनार मार्ग हेतु 21.2 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।
  • सब्जी उत्पादकों को सड़क का तोहफा: ताड़ीखेत ब्लॉक के टूनाकोट गांव के सब्जी उत्पादक किसानों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए 34 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
  • पीएमजीएसवाई संपर्क मार्ग: बुचडी-पंतकोतली से गगास मार्ग हेतु 9.10 करोड़ रुपये, ताड़ीखेत-पीपली मार्ग हेतु 5.67 करोड़ रुपये तथा सौनी-बिनसर महादेव से तितालीखेत मार्ग हेतु 4.79 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
  • परिवहन तंत्र का कायाकल्प: रानीखेत बस डिपो में 9.03 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बस टर्मिनल का निर्माण व पूर्णकालिक ए.आर.एम. की नियुक्ति कराई गई। साथ ही ताड़ीखेत में 9.79 करोड़ रुपये से रोडवेज कार्यशाला तथा ए.आर.टी.ओ. (ARTO) कार्यालय स्थापित किया गया।
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शिक्षा का सुदृढ़ीकरण और युवा सशक्तीकरण

  • उच्च शिक्षा का विस्तार: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में 7.00 करोड़ की लागत से नए अकादमिक ब्लॉक, 4.5 करोड़ से आधुनिक महिला छात्रावास, 77 लाख से महाविद्यालय सौंदर्यीकरण और 40 लाख से संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया। महाविद्यालय को स्वायत्त संस्थान (Autonomous College) बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए।
  • रोजगारपरक शिक्षा: स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम शुरू कराए गए तथा विद्यार्थियों के लिए 50 अतिरिक्त कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए।
  • बंद संस्थानों की बहाली: सात वर्षों से बंद पड़े राजकीय पॉलिटेक्निक चौनलिया को पुन: संचालित कर सिविल व कंप्यूटर साइंस के नए ट्रेड शुरू किए गए। साथ ही बंद पड़े आईटीआई (ITI) बमस्यौं को भी सक्रिय किया गया।
  • आधुनिक प्रयोगशालाएं व स्मार्ट क्लास: राजकीय इंटर कॉलेज चौनलिया में 55.00 लाख से प्रयोगशाला, रा०इ०का० जैना में 61.50 लाख से विज्ञान लैब, रा०इ०का० लोधियाखान में 40.38 लाख से पुस्तकालय व क्राफ्ट भवन तथा नवोदय विद्यालय चौनलिया में स्मार्ट क्लास हेतु एलईडी इंटरएक्टिव टच पैनल उपलब्ध कराया गया।
  • विद्यालयों का कायाकल्प: प्राथमिक विद्यालय सौनी को 20.00 लाख की लागत से आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया तथा रा०उ०प्रा०वि० बजीना में 43.47 लाख से विज्ञान लैब व कंप्यूटर कक्ष का निर्माण कराया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं का ऐतिहासिक उन्नयन

  • रानीखेत चिकित्सालय में हाई-टेक सुविधाएं: जी.एस.एम. नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में नवजात शिशुओं की रक्षा के लिए कलर एन.आई.सी.यू. (NICU) का लोकार्पण कराया गया।
  • आधुनिक डायग्नोस्टिक्स: अस्पताल में आधुनिक कलर एक्स-रे मशीन, नई अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड सेपरेशन यूनिट और दूरबीन विधि से ऑपरेशन हेतु लैप्रोस्कोप मशीन स्थापित कराई गई।
  • ग्रामीण स्वास्थ्य का विस्तार: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में 60 लाख की लागत से पैथोलॉजी लैब का निर्माण व 75 लाख से सौंदर्यीकरण कराया गया। भतरौजखान में 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू कराई गई तथा पशु सेवा केंद्र का उच्चीकरण कर पशु चिकित्सालय बनाया गया।
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धार्मिक आस्था, पर्यटन व नागरिक सुविधाएं

  • धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार: मानिला मंदिर कमराड़ के सौंदर्यीकरण हेतु 1.59 करोड़ रुपये तथा भिकियासैंण राजा जी मंदिर हेतु 94 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत झूला देवी, चामुथान, बिल्लेख देवी व खुशलकोट शिव मंदिर सहित प्रमुख देवस्थलों के जीर्णोद्धार का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  • पर्यावरण व पर्यटन: लौकोट से बिनसर महादेव वन क्षेत्र को बर्ड वॉच सेंटर व ट्रेक रूट (इको-टूरिज्म) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति मिली। वर्षों से बंद रानीखेत पर्यटन कार्यालय का पुन: संचालन शुरू कराया गया।
  • ऐतिहासिक प्रशासनिक पहल: रानीखेत छावनी (कैंट) क्षेत्र की नागरिक समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु कैंट क्षेत्र को चिलियानौला नगर पालिका में मिलाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
  • शहरी व ग्रामीण अवसंरचना: चिलियानौला में आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग व उसके ऊपर सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया। भिकियासैंण में 2.00 करोड़ की लागत से पुलिस चौकी भवन, अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) तथा गगास नदी पर तटबंध व झील निर्माण की डीपीआर स्वीकृत हुई।
  • हरित आजीविका: ताड़ीखेत में बिच्छू घास (कंडाली) से कपड़ा व हर्बल चाय तैयार करने के प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ कर स्थानीय महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।

विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल का यह कार्यकाल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ जनसेवा का सच्चा जज्बा जुड़ता है, तो विकास के नए आयाम स्थापित होते हैं। अपनी सरलता, सहज उपलब्धता और अभूतपूर्व विकास कार्यों की बदौलत वे आज रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक के भरोसे का प्रतीक बन चुके हैं।

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