कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के पास पहुंचा 10 सितंबर के किस महाआयोजन का खास पैगाम? जानिए प्रशासनिक गलियारों से लेकर देवभूमि तक क्यों मची है हलचल!
हल्द्वानी/नैनीताल (शैल शक्ति ब्यूरो): आगामी 10 सितंबर को समूचे उत्तराखंड सहित राष्ट्र पटल पर एक ऐतिहासिक और भव्य गौरवगाथा सजने जा रही है। हिमालय के अमर सपूत और देश के मूर्धन्य राजनेता ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं पावन जयंती को अविस्मरणीय बनाने के लिए समूचे प्रदेश में अभूतपूर्व स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं।
कुमाऊं कमिश्नर को सौंपा गया विशेष आमंत्रण पत्र तैयारियों के इसी क्रम में ‘भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत समारोह समिति’ के मुख्य संयोजक व पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गोपाल सिंह रावत के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत (आईएएस) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कमिश्नर को पंडित पंत जी का भव्य चित्र (स्मृति चिह्न) व पुष्पगुच्छ भेंट कर 10 सितंबर के केंद्रीय समारोह का औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक राजेश कुमार, सह संयोजक ललित भट्ट, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश जोशी एवं शंकर पांडे सहित अनेक गणमान्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
गोरापड़ाव से लेकर पंत पार्क तक महाआयोजन की रूपरेखा हल्द्वानी स्थित गोरापड़ाव कैंप कार्यालय में आयोजकों की मैराथन बैठकों का दौर जारी है। मुख्य आयोजन हल्द्वानी के नगर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक ‘तिकोनिया पंत पार्क’ के साथ-साथ पंतनगर और नैनीताल में अत्यंत गरिमामय ढंग से संपन्न होगा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेशभर में पंत जी की प्रतिमाओं पर भव्य माल्यार्पण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी।
पंत जी के आदर्शों पर मुख्य संयोजक गोपाल सिंह रावत का संदेश
“भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत की नव-संरचना के अमर शिल्पी और देवभूमि के स्वाभिमान का साक्षात प्रतीक हैं। उनका शुचितापूर्ण जीवन, दूरदर्शी नीतियां और राष्ट्र-सेवा का अदम्य संकल्प आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रकाश स्तंभ के समान है। उनकी 139वीं जयंती पर हम उनके विराट कृतित्व और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले रहे हैं।” — गोपाल सिंह रावत (पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं मुख्य संयोजक)
युवा चेतना और स्मारिका का राष्ट्रव्यापी प्रसार समारोह को केवल औपचारिक न रखकर जन-उत्सव का स्वरूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद, निबंध लेखन, खेलकूद प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे। साथ ही, पंडित पंत जी के दुर्लभ संस्मरणों और प्रेरक जीवन-दर्शन पर आधारित विशेष स्मारिकाओं का व्यापक प्रकाशन व वितरण भी किया जाएगा।
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