थिएटर के अंधेरे में दिखा वह अलौकिक रूप… जब अचानक भाव-विभोर हो उठे सांसद, क्या था पर्दे का रहस्य?

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थिएटर के अंधेरे में दिखा वह अलौकिक रूप… जब अचानक भाव-विभोर हो उठे सांसद, क्या था पर्दे का रहस्य?

हल्द्वानी। राजनीति की भागदौड़ और रोजमर्रा की व्यस्तताओं से दूर, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री अजय भट्ट जब सपरिवार हल्द्वानी के एक सिनेमा हॉल पहुंचे, तो माहौल में एक अलग ही कौतूहल और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। मौका था विश्वविख्यात संत बाबा नीब करौरी महाराज जी के दिव्य जीवन और सेवा यात्रा पर आधारित बहुचर्चित आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ के विशेष प्रदर्शन का।

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पर्दे पर जब बाबा नीब करौरी जी की निश्छल भक्ति, अलौकिक प्रसंग और लोक-कल्याण की अनूठी यात्रा जीवंत हुई, तो सभागार में मौजूद सांसद श्री भट्ट उनकी जीवन दृष्टि और अध्यात्म के गूढ़ संदेश को देखकर गहरे तक अभिभूत हो गए।

फिल्म देखने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि भारत की सनातन संत परंपरा सदैव से मानवता को जोड़ने और उसे सही मार्ग दिखाने का काम करती आई है।

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मुख्य बिंदु और संदेश:

  • निस्वार्थ सेवा का आदर्श: बाबा नीब करौरी महाराज जी का संपूर्ण जीवन भारतीय आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा का सबसे प्रेरक उदाहरण है।
  • करोड़ों का संबल: बाबा के विचार, उनका सरल स्वभाव और जीवन दर्शन आज भी देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को सकारात्मक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
  • सांस्कृतिक चेतना: संत परंपरा समाज को केवल भक्ति का मार्ग नहीं दिखाती, बल्कि प्रेम, करुणा और परोपकार के साथ जीने की वास्तविक कला सिखाती है।
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आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने आधुनिक दौर में सिनेमाई माध्यम से नई पीढ़ी तक बाबा जी के पावन संदेश और भारतीय संस्कृति की जड़ों को पहुंचाने का एक अत्यंत सार्थक और मार्मिक प्रयास किया है।

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