गांधी परिवार की रणनीति पर उठाए सवाल; बोले—जब देश भक्ति में लीन है, तब व्यवस्थाएं बाधित करने का क्या है असली मकसद?
देहरादून। जब पूरा देश शारदीय नवरात्रि की पावन भक्ति में लीन है और जगह-जगह प्रभु श्री राम के मर्यादित जीवन को दर्शाने वाली रामलीलाओं का मंचन चल रहा है, ठीक उसी समय राजधानी में व्यवस्थाओं को ठप करने की कोशिशों के पीछे क्या कोई सोची-समझी साजिश है? यह सवाल उठाकर धामी सेना (देवभूमि उत्तराखंड) के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तरुण पंत ने सियासी गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है।
श्री पंत ने विपक्षी नेतृत्व और विशेष रूप से गांधी परिवार पर सीधा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सनातन धर्म के प्रमुख पर्वों के दौरान देश का सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगाड़ना विपक्ष की पुरानी फितरत रही है।
आस्था के माहौल में व्यवधान का आरोप
तरुण पंत ने कहा कि एक तरफ देश की मातृशक्ति और श्रद्धालु उपवास, हवन-पूजन और स्तुति के साथ नवरात्रि मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रामलीला मंचन के जरिए अधर्म पर धर्म की विजय और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐन इसी भक्तिमय वातावरण के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाकर देश की राजधानी में रेल, मेट्रो, बस और ऑटो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित किया गया। इससे आम जनजीवन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहले और अब के माहौल की तुलना
पूर्ववर्ती सरकारों और वर्तमान व्यवस्था की तुलना करते हुए भाजपा नेता ने कहा:
- पहले का दौर: तीज-त्योहारों और रामलीला उत्सवों के दौरान जगह-जगह बम विस्फोट व आतंकी घटनाओं का साया बना रहता था।
- वर्तमान स्थिति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शांति और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है। आज सभी धर्मों के लोग, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, अपने-अपने पर्व अमन-चैन और सौहार्द के साथ मना रहे हैं। सड़कों पर यातायात बाधित करने की परंपराएं खत्म हुई हैं।
उन्होंने दावा किया कि शांति और विकास के इसी माहौल से हताश होकर कुछ ताकतें देश विरोधी ताकतों के इशारे पर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं। श्री पंत ने प्रधानमंत्री से ऐसे तत्वों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में कठोर कार्रवाई करते हुए जेल भेजने की मांग की।
2027 चुनाव पर सीधा असर
उत्तराखंड की राजनीति का जिक्र करते हुए तरुण पंत ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को यह स्पष्ट करना होगा कि वे आस्था और संस्कृति पर होने वाले इन प्रहारों के साथ हैं या जनता के साथ।
उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष की मंशा को भली-भांति समझ चुकी है। वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपने अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर सिमट जाएगी और देवभूमि की जनता प्रचंड बहुमत के साथ पुनः पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाएगी।
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