32 साल की साधना और जनता से अटूट रिश्ता: क्या लालकुआं के दिग्गज ‘पवन’ की प्रदेश पटल पर दस्तक किसी बड़े सियासी मोड़ का संकेत है?
लालकुआं। राजनीति के बदलते दौर में जब पद और प्रतिष्ठा से परे निस्वार्थ सेवा को प्राथमिकता दी जाती है, तो नेतृत्व का कद खुद-ब-खुद बड़ा हो जाता है। लालकुआं की धरा पर पिछले 32 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के एक निष्ठावान सिपाही के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले दिग्गज नेता पवन कुमार चौहान की अनवरत सांगठनिक साधना को अब प्रदेश स्तर पर नई पहचान मिली है।
पार्टी में एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कदम रखकर संगठन के कई महत्वपूर्ण दायित्वों को अपनी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से सींचने वाले पवन चौहान की छवि एक कर्मठ, जुझारू और जनप्रिय नेता के रूप में स्थापित रही है। पूर्व में नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल जनसेवा, त्वरित समाधान और पारदर्शी विकास की एक मिसाल माना जाता है। पद पर रहते हुए और उसके बाद भी, वे लगातार आमजन की समस्याओं के लिए मुखर रहे हैं और हर वर्ग के सुख-दुख में एक सच्चे अभिभावक व साथी की तरह खड़े नजर आए हैं। यही कारण है कि तीन दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्षेत्र की जनता का स्नेह और आशीर्वाद उनके साथ निरंतर बना हुआ है।
उनकी इसी 32 वर्षों की अटूट निष्ठा और जनसेवा के जज्बे को सम्मान देते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य मनोनीत किया है।
पवन कुमार चौहान के प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह व खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि श्री चौहान के व्यापक अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और जमीनी सक्रियता से लालकुआं विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे संगठन को एक नई ऊर्जा और गति मिलेगी। शीर्ष नेतृत्व के इस निर्णय को कार्यकर्ताओं ने कर्मठता और वफादारी का सच्चा सम्मान बताया है।
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