धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA को रद्द करने, पेपर लीक पर रोक लगाने की मांग पर आइसा का धरना-प्रदर्शन जंतर मंतर में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के समर्थन में उतरे छात्र नौजवान

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4 जुलाई 2026
हल्द्वानी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA को रद्द करने, पेपर लीक पर रोक लगाने की मांग पर आइसा का धरना-प्रदर्शन
जंतर मंतर में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के समर्थन में उतरे छात्र नौजवान

लगातार हो रहे पेपर लीक व भर्ती घोटालों के खिलाफ व दिल्ली के जंतर मंतर मे अपनी मांगों लिए भूख हड़ताल मे बैठे छात्रों के साथ एकजुटता के लिए आइसा ने बुधपार्क हल्द्वानी में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया.

लगातार 14 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र आंदोलनरत हैं, छात्रों ने पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल शुरू की है छात्रों के साथ पर्यावरणविद व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू की उप सचिव दानिश अली, आइसा नेता मनीष, दीपक, ऋषिकेश और आमीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कई छात्रों की हालत काफी नाज़ुक बनी हुई है स्वास्थ्य संबंधित दिक्कते छात्रों व भूख हड़ताल पर बैठे साथियों को हो रही हैं लेकिन फिर भी एक मांग की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें इसके लिए छात्र डटे हुए हैं। लेकिन हम देखते हैं की ये निर्लज़्ज़ और तानाशाही सरकार छात्रों की मांगे सुनने को तैयार नही है। इसलिए छात्र संगठन आइसा (AISA) की ओर से छात्र समुदाय की व्यापक आवाज बुलंद करने के लिए तथा जंतर मंतर पर बैठे छात्रों के साथ एकजुटता के लिए हल्द्वानी के बुध पार्क मे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।

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आइसा जिलाध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि, सरकार NEET सहित तमाम 80 से अधिक पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे तथा शिक्षा मे हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाए। पेपर लीक मे शामिल सभी दोषियों और नेताओं को जेल भेजा जाय।

उन्होंने कहा कि, भीषण गर्मी में आइसा के नेतागण व तमाम छात्र शिक्षा बचाने के लिए सड़क पर मजबूती से लड़ रहे हैं। लेकिन आज लगभग 15 दिन से छात्र दिल्ली के जंतर मंतर धरना दे रहे हैं लेकिन हज़ारों छात्रों की आवाज को आज दबाने का काम किया जा रहा है। लगातार उनके आंदोलन को बदनाम करने के साथ साथ उनको खिलाफ भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा है। मोदी की सरकार ने शिक्षा मंत्री के पद पर एक ऐसे आदमी को बैठाया है जो आज शिक्षा को बेचने का काम कर रहा है, कैसे करके शिक्षा मे निजीकरण और भगवाकरण करके आने वाली पीढ़ियों से शिक्षा को छीन करके देश को अंधविश्वाशी बनाने की साजिश मोदी सरकार की चल रही है।

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भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, आज हम लोग यहाँ पेपर लीक के खिलाफ एकत्रित हुए हैं ये बहुत शर्मनाक है कि आज देश भर में पेपर लीक हो रहे हैं और आज युवाओं को पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। छात्रों ने शिक्षा बचाने की लडाई शुरू कर दी है, छात्रों ने मृत्यु नही लडाई चुनी है आज सात से अधिक दिनों तक भूख हड़ताल मे छात्रों ने अपना दम दिखाया है, आज ये जरूरत इसलिये पड़ी है क्योंकि आज ऐसी सरकार देश मे काबिज है जो केवल बुल्डोजर राज चाहती है. ये सरकार हिंदुओं की बात करते करते राम मन्दिर में चढ़ावे और चंदे में घोटाला कर रही है. आज छात्र नौजवान इस सरकार की विभाजनकारी लूटखोरी की नीति को समझ चुके हैं इस लिए अब ये संविधान विरोधी सरकार ज्यादा दिन टिकने वाली सरकार नहीं है।

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आज के धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से आइसा के जिलाध्यक्ष धीरज कुमार, भाकपा माले के नैनीताल जिला सचिव कैलास पांडे, आइसा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ललित मटियाली, उत्तम दास, खीम सिंह, परिवर्तनकामी छात्र संगठन के महेश व चंदन, आइसा के आकाश भारती, सुबोध जग्गी, चारु बोरा, शालिनी, भारती, रचना, ऋतिक कांत, भाकपा माले नेता प्रकाश चंद्र फ़ुलोरिया, प्रोन्वेश कर्मकार, अरुण कुमार, अनीता अन्ना, कृतिका पासवान, सौम्या पासवान किसान महासभा के अमित आदि अन्य लोग मौजूद थे।

 

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