हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज कैंप कार्यालय में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष श्री हुकम सिंह कुँवर से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक के दौरान राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके शीघ्र समाधान के लिए आवाज उठाई गई।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी हालिया अधिसूचना रही। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए प्रावधानित दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को प्रभावी और स्पष्ट रूप से लागू करने के लिए आवश्यक संशोधन किए जाएं। आंदोलनकारियों ने अवगत कराया कि वर्तमान व्यवस्था में कई तकनीकी और प्रक्रियागत विसंगतियां हैं। इन कमियों के कारण पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन और चयन प्रक्रिया में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आंदोलनकारियों के आश्रितों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में इस आरक्षण का लाभ बिना किसी भ्रम या बाधा के मिलना सुनिश्चित किया जाए।
आरक्षण के मुद्दे के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल ने राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाली अन्य बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिनमें मुख्य रूप से आंदोलनकारियों का उचित सम्मान और पहचान, बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधाएं, सरकारी अतिथि गृहों में ठहरने की समुचित व्यवस्था, परिवहन सुविधाओं में रियायत और अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण शामिल है।
परिषद अध्यक्ष श्री हुकम सिंह कुँवर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग और शासन स्तर पर जिन भी संशोधनों की आवश्यकता है, उन्हें प्रभावी ढंग से संबंधित विभागों के समक्ष उठाया जाएगा ताकि विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि आज जिस उत्तराखंड राज्य का स्वरूप हम देख रहे हैं, वह आंदोलनकारियों के कड़े संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतिफल है। इसलिए यह राज्य सरकार का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को कानून के अनुरूप सभी अधिकार और सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रमुख आंदोलनकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय, हरीश पनेरू, पीसी शर्मा, एसके नैय्यर, जगमोहन चिलवाल, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, बीएस रौतेला, अवतार सिंह बिष्ट, नरेश चंद्र कांडपाल, दीपक चनौदिया और कार्तिक चंद्र दास आदि उपस्थित रहे।
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