देवभूमि उत्तराखंड के इस पावन धाम में होने जा रहा है एक ऐसा दिव्य आयोजन जिसकी गूंज से बदल जाएगा भक्तों का भाग्य, जानिए क्या है पूरा रहस्य

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हल्दूचौड़। देवभूमि उत्तराखंड की सुरम्य वादियों में आध्यात्मिक चेतना का एक ऐसा महासंगम होने जा रहा है, जिसकी प्रतीक्षा हर सनातनी को वर्षों से रहती है। जनपद नैनीताल के हल्दूचौड़ स्थित शिवपुरी क्षेत्र में एक ऐसा दिव्य और भव्य आयोजन होने जा रहा है, जो संपूर्ण क्षेत्र को भक्ति रस से सराबोर कर देगा। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भारी उत्सुकता और कौतूहल बना हुआ है कि आखिर इस बार कौन सी महान आध्यात्मिक विभूति इस पावन धरती पर अपने मुखारविंद से अमृत वर्षा करने आ रही है। इस पूरे कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा और आमंत्रण की भव्य झलकियां आमंत्रण संदेशों में साफ देखी जा सकती हैं।
इस बडे़ रहस्य से पर्दा उठाते हुए स्थानीय आयोजकों ने बताया कि आगामी 15 जुलाई 2026 से लेकर 21 जुलाई 2026 तक हल्दूचौड़ के प्रसिद्ध नागेश्वर महादेव मन्दिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान रस का भव्य आयोजन होने जा रहा है। सबसे विशेष बात यह है कि इस कथा का रसपान कराने के लिए नैमिषारण्य तीर्थ के परम पूज्य पंडित प्रभात कुमार त्रिपाठी महाराज जी विशेष रूप से पधार रहे हैं। महाराज जी की दिव्य वाणी, गूढ़ ज्ञान और उनके भजनों की गूंज सुनने के लिए अभी से क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कथा के विस्तृत कार्यक्रम की बात करें, जिसे आमंत्रण पत्र में पूरी बारीकी से तिथिवार दर्शाया गया है, तो इस आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत 15 जुलाई 2026, दिन बुधवार को सुबह ठीक 8:00 बजे एक भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ होगी। इसके पश्चात सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक पंचांग पूजन संपन्न किया जाएगा। भक्तों के लिए सबसे मुख्य आकर्षण प्रतिदिन दोपहर बाद शुरू होने वाली मुख्य कथा होगी, जिसका समय सायंकाल 3:00 बजे से 6:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। कथा की समाप्ति के तुरंत बाद प्रतिदिन शाम 6:00 बजे महाप्रसाद का वितरण होगा और ठीक 7:00 बजे से संध्या भजन की सुमधुर तान छिड़ेगी, जो भक्तों को भक्ति के सागर में गोते लगाने पर मजबूर कर देगी।
सात दिनों तक चलने वाले इस अलौकिक ज्ञान यज्ञ का समापन 21 जुलाई 2026, दिन मंगलवार को होगा। इस अंतिम दिन सुबह 7:00 बजे से ही कथा महात्म्य, व्यास पूजन, हवन और पूर्णाहुति का विशेष विधान रहेगा। इसके ठीक बाद दोपहर 1:00 बजे से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे दिव्य आयोजन के मुख्य सूत्रधार श्रीमती सुमनलता दीक्षित और श्री सुबोध दीक्षित हैं, जिन्होंने समस्त दीक्षित परिवार, संबंधियों और मित्रों की ओर से सभी भक्तों को सपरिवार पधार कर पुण्य लाभ कमाने का विनम्र अनुरोध किया है। इस पुनीत कार्य में श्री राधे कृपा होन्डा सहयोगी संस्था के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे भगवान की इस अमृतमयी कथा का रसपान कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।