कुमाऊं और गढ़वाल के बीच का बरसों पुराना फासला हुआ खत्म, जानिए किस महासौगात से अचानक बदलने वाली है देवभूमि की तकदीर!

ख़बर शेयर करें

बरेली, 18 जुलाई, 2026। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में सफर करने वाले यात्रियों और वहां के निवासियों के लिए एक ऐसी बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जिसका इंतजार पिछले कई सालों से किया जा रहा था। कुमाऊं और गढ़वाल के बीच की भौगोलिक दूरी को समेटने और इस दुर्गम सफर को बेहद सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारत सरकार के केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष समारोह में इस बड़े रहस्य से पर्दा उठाया और हरी झंडी दिखाकर एक नई रेल सेवा की शुरुआत की।
इस भव्य समारोह का आयोजन रामनगर रेलवे स्टेशन पर किया गया, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश और राज्य की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां जुड़ीं। इस खास मौके पर हरिद्वार के सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, टिहरी गढ़वाल के सांसद श्री अनिल बलूनी और रामनगर के विधायक श्री दीवान सिंह बिष्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी की नजरें उस वक्त टिक गईं जब उद्घाटन विशेष गाड़ी संख्या 05014 को हरी झंडी दिखाई गई। यह ट्रेन सिर्फ एक पटरी पर दौड़ती गाड़ी नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के दो प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाली गाड़ी संख्या 15310/15309 रामनगर–देहरादून–रामनगर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में एक नए युग की शुरुआत है।
विकास की नई कहानी और केंद्रीय मंत्री का भरोसा
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह पूरे देश के समग्र विकास की एक मजबूत आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। यह नई रेल सेवा न केवल आम यात्रियों को आराम देगी, बल्कि यहां के छात्रों, किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के आर्थिक व सामाजिक जीवन में भी एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।
रेल मंत्री ने एक महत्वपूर्ण चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में मुरादाबाद और हरिद्वार रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन दबाव बहुत ज्यादा है, जिसके कारण नई ट्रेनें चलाने में कठिनाइयां आती हैं। लेकिन उन्होंने राहत की खबर देते हुए बताया कि इन दोनों रेलखंडों की क्षमता बढ़ाने का काम बहुत तेज गति से चल रहा है। जैसे ही यह काम पूरा होगा, उत्तराखंड के लोगों को कई और नई रेल परियोजनाओं और शानदार ट्रेनों की सौगात मिलेगी। इसके अलावा, वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां गति सीमा पर नियंत्रण रखना पड़ता है, वहां वन विभाग और राज्य सरकार के साथ मिलकर एक ऐसा व्यावहारिक रास्ता निकाला जाएगा, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ाई जा सके।
पर्यटन को लगेंगे पंख और स्टेशनों का बदलेगा स्वरूप
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड के लिए अब तक 20 नई और विस्तारित रेल सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राज्य के कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास बहुत तेजी से किया जा रहा है और काम पूरा होते ही इन्हें जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। एक और बड़ी योजना का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को एक ‘फीडर स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे देहरादून और हरिद्वार स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इस ट्रेन को शुरू कराने में सांसद श्री अनिल बलूनी और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों की जमकर सराहना की। इस नई ट्रेन से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ हरिद्वार और देहरादून जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो अपना काम निपटाकर एक ही दिन में वापस भी लौट सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार, बताया इसे ऐतिहासिक पल
इस ऐतिहासिक मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता की तरफ से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस केवल एक ट्रेन नहीं है, बल्कि यह कुमाऊं और गढ़वाल के बीच विकास, आपसी संपर्क और नए अवसरों की एक मजबूत जीवनरेखा बनेगी। आज भारतीय रेल वंदे भारत और नमो भारत जैसी अत्याधुनिक ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेनों के साथ पूरी दुनिया में आधुनिकता, तकनीक और सुरक्षा की नई मिसाल पेश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़ा एक बड़ा आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। साल 2026-27 के लिए उत्तराखंड को 4,769 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड रेल बजट मिला है। इसके साथ ही वर्तमान में राज्य के अंदर लगभग 29 हजार करोड़ रुपये की अलग-अलग रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जो आने वाले समय में देवभूमि की पूरी तस्वीर बदल कर रख देंगी।
समारोह में अन्य अतिथियों जैसे पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस शुरुआत को राज्य के लिए मील का पत्थर बताया। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर ने सभी मेहमानों का स्वागत किया, जबकि इज्जतनगर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक सुश्री वीणा सिन्हा सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
कब और कैसे चलेगी यह ट्रेन, जानिए पूरा समय सारणी
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह आम जनता के लिए कब से शुरू होगी और इसका समय क्या होगा? तो आपको बता दें कि इस ट्रेन का नियमित संचालन 05 अगस्त, 2026 से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेन हफ्ते में दो दिन यानी प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को पटरियों पर दौड़ेगी।
रामनगर से देहरादून जाने वाली ट्रेन (गाड़ी संख्या 15310):
यह ट्रेन हर बुधवार और शुक्रवार को सुबह 05:50 बजे रामनगर से अपनी यात्रा शुरू करेगी। इसके बाद यह काशीपुर से 06:22 बजे, रोशनपुर से 06:40 बजे, पीपलसाना से 06:52 बजे, मुरादाबाद से 08:21 बजे, नजीबाबाद से 09:41 बजे और हरिद्वार से 11:10 बजे प्रस्थान करते हुए दोपहर 12:40 बजे अपनी आखिरी मंजिल देहरादून पहुंचेगी।
देहरादून से रामनगर आने वाली ट्रेन (गाड़ी संख्या 15309):
वापसी के सफर में यह ट्रेन हर बुधवार और शुक्रवार को दोपहर बाद 15:55 बजे देहरादून से रवाना होगी। इसके बाद यह हरिद्वार से 17:32 बजे, नजीबाबाद से 18:28 बजे, मुरादाबाद से 20:30 बजे, पीपलसाना से 21:48 बजे, रोशनपुर से 22:05 बजे और काशीपुर से 22:50 बजे प्रस्थान करते हुए रात को 23:30 बजे वापस रामनगर पहुंच जाएगी।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार द्वारा जारी यह सूचना उत्तराखंड के परिवहन और पर्यटन के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है।