देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड की देवभूमि आज एक बार फिर गर्व से सराबोर है। हल्द्वानी की रहने वाली 23 वर्षीय होनहार बेटी मुद्रिका खुशी गुर्रानी ने एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जिसने न केवल उनके परिवार का बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम वैश्विक पटल पर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है। एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मुद्रिका ने अपनी कड़ी मेहनत, मुस्तैदी और अटूट हौसले के दम पर विश्व रिकॉर्ड (वर्ल्ड रिकॉर्ड) अपने नाम कर लिया है। इस बड़ी कामयाबी की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है और खुशी की लहर दौड़ गई है।
मुद्रिका की यह अभूतपूर्व सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी सालों की तपस्या और खेल के प्रति गजब का समर्पण है। खेल की दुनिया में वह पहले भी कई बार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पूर्व भी मुद्रिका ने 5 बार नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल जीते हैं और राज्य का गौरव बढ़ाया है। बॉक्सिंग के मैदान में विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाली इस बॉक्सर ने अब विश्व रिकॉर्ड की नई ऊंचाई को छूकर यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने वाली इस बेटी की कामयाबी पर हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है। इसी बीच, धामी सेना के प्रदेश अध्यक्ष तरुण पंत ने मुद्रिका की इस ऐतिहासिक सफलता की सराहना करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। तरुण पंत ने मुख्यमंत्री से पुरजोर अपील की है कि आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के मुख्य समारोह में इस होनहार बेटी को मंच पर राजकीय रूप से सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुद्रिका को सम्मानित करने से न केवल इस बेटी का हौसला सातवें आसमान पर पहुंचेगा, बल्कि उत्तराखंड की लाखों अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को सच करने की एक नई ऊर्जा मिलेगी। उत्तराखंड का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने वाली मुद्रिका खुशी गुर्रानी आज हर उत्तराखंडी के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बन चुकी हैं।
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