“दिलों पे राज वही करते हैं जो सादगी से जीते हैं…” लालकुआँ में दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मोत्सव पर उमड़ा अकीदत और खिदमत का सैलाब!

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“दिलों पे राज वही करते हैं जो सादगी से जीते हैं…” लालकुआँ में दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मोत्सव पर उमड़ा अकीदत और खिदमत का सैलाब!

शैल शक्ति ब्यूरो / लालकुआँ

राजनीति में पद और ओहदे तो बहुतों को मिलते हैं, लेकिन अवाम के दिलों पर अमिट छाप वही छोड़ पाते हैं जिनका मिजाज सादगी, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं से सिंचित होता है। लालकुआँ का ऐतिहासिक अम्बेडकर पार्क आज एक ऐसे ही अनूठे मंजर का गवाह बना, जहाँ न कोई खोखली सियासी तकरीरें थीं और न दिखावे की औपचारिकता—बल्कि चारों तरफ था अटूट स्नेह, खिदमत-ए-खल्क का जज्बा और ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच उमड़ा युवाओं का सैलाब।

अवसर था भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश महामंत्री दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मोत्सव का, जिसे कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने शक्ति प्रदर्शन के बजाय ‘सेवा और समर्पण महाउत्सव’ में तब्दील कर दिया।

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सादगी और संघर्ष का मुजस्समा: हर दिल के करीब

उत्तराखंड की सियासत में दीपेन्द्र कोश्यारी आज केवल एक पदधारी नेता नहीं, बल्कि पर्वतीय अस्मिता, संघर्ष और युवा ऊर्जा के सशक्त संवाहक बनकर उभरे हैं।

  • सहज आत्मीयता: शीर्ष सांगठनिक मुकाम पर होने के बावजूद उनका अहंकार-शून्य स्वभाव और हर आम कार्यकर्ता से पारिवारिक आत्मीयता से मिलना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
  • सरोकारों से वाबस्ता: पहाड़ के बीहड़ भूगोल से लेकर तराई-भाबर के अंतिम छोर तक, किसी गरीब की दवा-दारू का सवाल हो या आपदा की घड़ी, वे हमेशा पहली कतार में खड़े नजर आते हैं।
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अम्बेडकर पार्क लालकुआँ में इस्तकबाल व विशाल रक्तदान शिविर

लालकुआँ के अम्बेडकर पार्क में आयोजित मुख्य समारोह में दीपेन्द्र कोश्यारी का कार्यकर्ताओं ने भव्य फूल-मालाओं, पुष्पवर्षा और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूँज के साथ आत्मीय स्वागत किया।

जन्मोत्सव को जीवन रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए इस अवसर पर एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। इसके साथ ही लालकुआँ, बिन्दुखत्ता और गौलापार के प्रमुख देवालयों में उनके दीर्घायु और आरोग्य जीवन के लिए विशेष रुद्राभिषेक व हवन-पूजन संपन्न हुआ। विभिन्न सामाजिक टोलियों ने अस्पतालों में फल वितरण, गौशालाओं में गो-सेवा और पौधारोपण कर इस दिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया।

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क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध जनों व मातृशक्ति की गरिमामयी मौजूदगी

समारोह में क्षेत्र के तमाम वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, युवा और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने एक स्वर में उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन के लिए अपनी नेक दुआएँ और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

लालकुआँ की धरती पर उमड़े इस अपार जनसमर्थन और शुभकामनाओं के प्रवाह ने यह पैगाम दे दिया कि जब नेतृत्व में सेवा भाव और संवेदनशीलता हो, तो जनता उसे अपने सिर-आँखों पर बिठाती है।

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