Category: फीचर्स

तीर्थराज गया: मोक्ष की पवित्रतम भूमि

  तीर्थ राज ” गया ” का नाम आते ही हिंदुओं तथा बौद्धों का नतमस्तक होना स्वाभाविक है। पितरों को मोक्ष के लिए यह सबसे पवित्रतम भूमि है । श्राद्ध….

शिक्षक पढ़ाता है, गुरु जगाता है, दोनों के साथ से ही जीवन की संपूर्णता

  भारतीय संस्कृति में ज्ञान को देवत्व का स्थान दिया गया है। विद्या को सरस्वती का वरदान और शिक्षा को जीवन का दीपक माना गया है। किंतु इस ज्ञान की….

अहंकार मिटाकर पाएं धर्म और विनम्रता का वरदान भगवान वामन देव से

  हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु के वामन अवतार का जन्मोत्सव वामन जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह….

हुनरबाज के मंच में क्षितिज सक्सेना ने दिखाया हुनर

  खटीमा। रिम्पी बिष्ट समर्पण व जुनून जब हद से गुजर जाता है, तब टेलेंट को मिलती है, ऊंची उड़ान। जी हां! हुनरबाज उसी ऊंची उड़ान का मंच साबित हुआ।….

बुद्धि, विवेक, ज्ञान, कौशल, बल एवं साहस के देवता भगवान गणेश

  सर्वप्रथम पूजा के अधिकारी भगवान गणेश की उपासना, आराधना एवं पूजा भारत के कोने-कोने में होती है। शैव मत के धर्मावलम्बी उन्हें भगवान शिव का पुत्र मानते हैं तो….

मुकेश बोरा के नेतृत्व में आँचल दुग्ध संघ बना उत्पादकों का सहारा

  *लालकुआं।* नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा लगातार दुग्ध उत्पादकों के हित में प्रतिबद्ध और सजग प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ़….

पाकिस्तान के मदरसों में बच्चों को आतंकवादी बनाने का षड्यंत्र

क्या पाकिस्तान मदरसों में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को युद्ध में धकेल सकता है? इस प्रश्न का उत्तर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वयं ही दे दिया….

स्मृति शेष : अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अद्वितीय प्रतिमूर्ति थी आशा सहाय चौधरी

आजाद हिंद फौज की महिला रेजिमेंट ‘रानी झांसी रेजिमेंट’ की सेकेंड लेफ्टिनेंट आशा चौधरी द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास के सबसे मार्मिक अध्यायों में से एक की जीवंत सेतु थीं….

भाद्रपद अमावस्या: पितरों की तृप्ति और शनिदेव की कृपा का पर्व

भाद्रपद मास का विशेष महत्व है। इस मास की अमावस्या तिथि इस वर्ष शनिवार, 23 अगस्त 2025 को पड़ रही है। जब अमावस्या शनिवार को आती है तो इसे शनिश्चरी….

ख़ामोशियां भी बहुत कुछ बोलती हैं

मनुष्य का जीवन केवल शब्दों और ध्वनियों पर आधारित नहीं है। असली भावनाएँ उन अनुभवों से निर्मित होती हैं, जिन्हें हम अपनी चुप्पी में छिपा लेते हैं। तभी तो कहा….