मन की शक्ति से जीवन में भर रहीं उजाला: जानिए ‘प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित डॉ. प्रियंका गुप्ता की कहानी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के बीच, मानसिक शांति किसी बहुमूल्य खजाने से कम नहीं है। इसी खजाने तक लोगों को पहुँचाने का नेक और जटिल कार्य कर रही हैं दिल्ली की जानी-मानी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. प्रियंका गुप्ता। अपने अनूठे और सकारात्मक दृष्टिकोण से वे न सिर्फ लोगों के मानसिक घावों को भर रही हैं, बल्कि उन्हें जीवन जीने की एक नई राह भी दिखा रही हैं।
हाल ही में, उनके इस निस्वार्थ और उत्कृष्ट योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। 5 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित संविधान क्लब में आयोजित एक भव्य समारोह में, डॉ. प्रियंका को उनके शानदार काम के लिए ‘प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ (PEA) से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें ‘Vocal for Local Talent Promoters’ द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और समग्र (Holistic) हीलिंग के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
‘मन्नशक्ति’ से जगाई उम्मीद की किरण
डॉ. प्रियंका गुप्ता ‘मन्नशक्ति वेलनेस सेंटर’ (Mannshaktii Wellness Center) की संस्थापक हैं। नाम के अनुरूप ही, यह केंद्र लोगों के मन की सोई हुई शक्ति को जगाने का काम करता है। एक उत्कृष्ट माइंड-बॉडी स्ट्रैटेजिस्ट और क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी रिसर्चर के रूप में, डॉ. प्रियंका का काम करने का तरीका बेहद खास है। वह केवल पारंपरिक मनोविज्ञान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि आधुनिक मनोविज्ञान को ‘अल्टरनेटिव हीलिंग प्रैक्टिस’ के साथ मिलाकर एक ऐसा समग्र इलाज प्रदान करती हैं, जो व्यक्ति के मन और शरीर दोनों को स्वस्थ करता है।
भावनात्मक संतुलन की दिशा में एक सच्चा मार्गदर्शक
डॉ. प्रियंका मानती हैं कि हर व्यक्ति के भीतर खुद को ठीक करने की क्षमता होती है, बस जरूरत है तो सही मार्गदर्शन की। अपने क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी रिसर्च और माइंड-बॉडी रणनीतियों के माध्यम से, उन्होंने अनगिनत लोगों के जीवन में गहरा और सकारात्मक प्रभाव डाला है। अवसाद, चिंता और तनाव से जूझ रहे लोगों को उन्होंने भावनात्मक संतुलन हासिल करने और मानसिक तौर पर मजबूत बनने में मदद की है।
समाज के लिए एक प्रेरणा
संविधान क्लब में मिला यह ‘प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ केवल एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि यह उन सैकड़ों मुस्कुराते चेहरों का प्रतीक है, जिन्हें डॉ. प्रियंका ने एक संतुलित और खुशहाल जीवन का उपहार दिया है। उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि सही ज्ञान, समर्पण और सहानुभूति को एक साथ मिला दिया जाए, तो समाज में कितना बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
डॉ. प्रियंका गुप्ता की यह कहानी हमें सिखाती है कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, और ‘मन्नशक्ति’ जैसे प्रयास इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
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