Category: फीचर्स

भगवान ऋषभदेव: सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के प्रवर्तक

जनसाधारण में यह भ्रांति है कि जैन धर्म के संस्थापक भगवान महावीर थे जबकि जैन धर्म में कुल मिलाकर 24 तीर्थंकर हुए हैं जिनमें प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव थे। जिन्होंने….

सड़कों से आश्रम तक :संतोषी माता गौशाला में गोमाता की सेवा को समर्पित बाबा भवानी गिरी जी महाराज

  सड़कों से आश्रम तक :संतोषी माता गौशाला में गोमाता की सेवा को समर्पित बाबा भवानी गिरी जी महाराज -हरिशंकर सिंह सैनी देहरादून उत्तराखंड देहरादून (गढ़ी कैंट)।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून….

उत्तरायण का शक्ति-संस्कार : मकर संक्रांति पर भद्रकाली पूजन का आध्यात्मिक महत्व

  उत्तरायण का शक्ति-संस्कार : मकर संक्रांति पर भद्रकाली पूजन का आध्यात्मिक महत्व मकर संक्रांति वह पावन अवसर है जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते….

उत्तरायण: सूर्य की उत्तरगामी यात्रा और भारत में मकर संक्रांति के विविध उत्सव”

  “उत्तरायण का प्रकाश: मकर संक्रांति और भारत भर में इसके विविध उत्सव” “सूर्य की उत्तरगामी यात्रा: उत्तरायण और पावन मकर संक्रांति का रहस्य” भगवान सूर्य जब धनु राशि को….

देव गुरु की दिव्य कृपा का धाम: जयपुर का बृहस्पति धाम मंदिर है आस्था का अद्वितीय केंद्र

  जयपुर। राजधानी जयपुर के दुर्गापुर क्षेत्र में स्थित बृहस्पति धाम मंदिर आज देश-विदेश के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है। द्रव्यवती नदी के तट पर बसे….

कर्मनिष्ठा, आस्था और सादगी की जीवित मिसाल थे स्व. हरिशचन्द्र बिष्ट : अंतिम विदाई आज

  आस्था, करुणा और अनुशासन के प्रतीक स्व. श्री हरिशचन्द्र बिष्ट : स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे हल्द्वानी। कुछ व्यक्तित्व केवल जीते नहीं, बल्कि अपने कर्मों, निष्ठा और सादगी से….

“ममता और करुणा की सजीव प्रतिमूर्ति नहीं रहीं : लक्ष्मी देवी की पावन स्मृतियाँ सदैव रहेंगी अमर”

हल्द्वानी। ममता, करुणा और सादगी की प्रतिमूर्ति रही स्वर्गीय लक्ष्मी देवी अब इस नश्वर संसार में नहीं रहीं। लगभग 75 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। हल्द्वानी की….

अविनाशी काशी के अधिष्ठाता गणेश

  काशी अविनाशी, अनादि और अनन्त केवल भगवान शिव की नगरी ही नहीं, अपितु यह वह दिव्य क्षेत्र है जहाँ समस्त देवतत्त्व एकाकार होकर सृष्टि को मोक्ष का मार्ग दिखाते….

जहाँ अग्नि भी आराधना करती है: अरावली में छिपा ईडाणी माता का अनकहा रहस्य

  अग्नि भी जहाँ शीश नवाती है: अरावली की गोद में विराजती रहस्यमयी ईडाणी माता विशेष फीचर | उदयपुर (राजस्थान) अरावली की प्राचीन पर्वत-श्रृंखलाएँ साक्षी हैं कि भारत की धरती….

विश्व ब्रेल दिवस 4 जनवरी :दुनिया को स्पर्श की भाषा सिखाने वाले ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल

(हेमंत खुटे -विनायक फीचर्स) जब दुनिया देखने की क्षमता को ही ज्ञान का आधार मानती थी तब लुई ब्रेल ने यह सिद्ध कर दिखाया कि शिक्षा आँखों की मोहताज नहीं….