पाताल भुवनेश्वर में अलौकिक संकष्टी: अंधेरी गुफा , देखिये वीडियोके भीतर बना दुर्लभ संयोग

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पिथौरागढ़ / विशेष रिपोर्ट
विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना का महापर्व संकष्टी चतुर्थी आज देशभर में गहरी आस्था के साथ मनाया जा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित विश्वप्रसिद्ध और रहस्यमयी पाताल भुवनेश्वर गुफा में इस पावन अवसर पर एक अत्यंत दुर्लभ और अलौकिक आध्यात्मिक संयोग देखने को मिला। हालांकि इन दिनों सुरक्षा व व्यवस्थागत कारणों से पाताल भुवनेश्वर गुफा में आम श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद है, लेकिन गुफा के भीतर सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार नियमित पूजन जारी है। इसी क्रम में आज अंधेरी गुफा की गहराइयों में भगवान आदि गणेश का विशेष और गुप्त अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान से संपन्न हुआ।

बंद कपाटों के पीछे सैकड़ों साल बाद बना दुर्लभ योग
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज की तिथि पर बनने वाला खगोलीय व आध्यात्मिक तालमेल कई दशकों बाद देखने को मिला है। 33 कोटि देवी-देवताओं का वास मानी जाने वाली इस गुफा में स्थापित प्राकृतिक गणेश प्रतिमा  का आध्यात्मिक प्रभाव बेहद चमत्कारी माना जाता है। आम प्रवेश बंद होने के बावजूद, गुफा की गहराई से उठती वैदिक ऋचाओं और पाताल लोक की गुप्त ऊर्जा ने श्रद्धालुओं के मन में एक गहरा कौतूहल और संस्पेंस पैदा कर दिया कि इस विशेष कालखंड में की गई यह गुप्त साधना जनमानस के बड़े से बड़े संकटों को हरने की क्षमता रखती है।
गुफा के भीतर संपन्न हुआ विशेष पूजन और विधान
गुफा में पुजारियों द्वारा संकट मुक्ति और लोक-कल्याण के लिए विशेष पूजा पद्धति का पालन किया गया:
* प्राकृतिक विग्रह अभिषेक: गुफा के भीतर स्थित प्राकृतिक गणेश रूप पर पवित्र गंगाजल, पंचामृत और दुर्वा अर्पित कर विशेष अभिषेक किया गया।
* प्रिय भोग व दुर्वा अर्पण: विघ्नविनाशक को 21 दुर्वा की गांठें, रक्त चंदन, लाल पुष्प और मोदक का पारंपरिक भोग लगाया गया।
* महामंत्र साधना: गुफा के शांत और रहस्यमयी वातावरण में ‘ॐ गं गणपतये नमः’ तथा ‘संकटनाशन गणेश स्तोत्र’ के अखंड पाठ की दिव्य गूंज रही।
* संकट निवारण ध्यान: पुजारियों ने विशेष कालखंड में मौन ध्यान लगाकर विश्व शांति और भक्तों के कष्ट निवारण की प्रार्थना की।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नीलम भण्डारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यद्यपि वर्तमान समय में गुफा के भीतर आम श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह बंद रखी गई है, किंतु मंदिर में नित्य और पारंपरिक पूजा-अर्चना बिना किसी बाधा के निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज संकष्टी चतुर्थी के महापर्व पर भगवान गणेश का विशेष पूजन और शृंगार अत्यंत श्रद्धा भाव से संपन्न किया गया।
गुफा के मुख्य द्वार के बाहर जुटे श्रद्धालुओं ने दूर से ही शीश नवाकर विघ्नहर्ता का आशीर्वाद लिया