रिजल्ट की 11वीं लाइन पर जैसे ही पड़ी नजर, थम गईं सबकी सांसें… जानिए लालकुआं में अचानक क्यों छलक पड़े खुशी के आंसू?

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रिजल्ट की 11वीं लाइन पर जैसे ही पड़ी नजर, थम गईं सबकी सांसें… जानिए लालकुआं में अचानक क्यों छलक पड़े खुशी के आंसू?

— जब शांत कमरे से बाहर आई वो खबर, जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया; उत्तराखंड लोअर पीसीएस में 11वीं रैंक हासिल कर शिवांगी बिष्ट बनीं नायब तहसीलदार

लालकुआं। कंप्यूटर स्क्रीन पर मेरिट लिस्ट धीरे-धीरे नीचे खिसक रही थी, दिल की धड़कनें तेज थीं और कमरे में सांस रोक देने वाला सन्नाटा पसरा था। जैसे ही निगाहें 11वें पायदान पर पहुंचीं, वहां दर्ज नाम को देखते ही वह सन्नाटा एक जोरदार चीख और खुशी के आंसुओं में बदल गया। लालकुआं के गांधीनगर वार्ड नंबर-2 की शांत गलियों में रहने वाले लोगों को जब तक कुछ समझ आता, तब तक खबर पूरे क्षेत्र में फैल चुकी थी कि उनके अपने मोहल्ले की बेटी ने समूचे उत्तराखंड में अपना परचम लहरा दिया है।

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यह गौरवमयी कहानी है क्षेत्र के वरिष्ठ व प्रतिष्ठित समाजसेवी दीवान सिंह बिष्ट की होनहार सुपुत्री शिवांगी बिष्ट की। उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/अवर अधीनस्थ सेवा (लोअर पीसीएस) परीक्षा के घोषित परिणामों में शिवांगी ने प्रदेश स्तर पर 11वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस शानदार सफलता के साथ उनका चयन नायब तहसीलदार के प्रतिष्ठित प्रशासनिक पद पर हुआ है।

दिन-रात की खामोश तपस्या लाई रंग

शिवांगी की इस अप्रत्याशित और ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची मेहनत कभी शोर नहीं मचाती, बल्कि उसके नतीजे खुद इतिहास रचते हैं। बिना किसी दिखावे के, घर की चारदीवारी के भीतर किताबों के साथ बिताए गए अनगिनत घंटों और कड़े अनुशासन का ही फल है कि आज उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे लालकुआं क्षेत्र का मान पूरे प्रदेश में ऊंचा कर दिया है। परिणाम सामने आते ही माता-पिता की आंखें गर्व से नम हो गईं और परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।

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घर पर उमड़ा बधाई देने वालों का तांता

शिवांगी के नायब तहसीलदार पद पर चयन की खबर जैसे ही नगर और आसपास के क्षेत्रों में फैली, उनके गांधीनगर स्थित आवास पर शुभकामनाएं देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके घर पहुंचकर फूल-मालाओं और मिष्ठान के साथ शिवांगी और उनके पिता दीवान सिंह बिष्ट को बधाई दी।

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शुभचिंतकों ने कहा कि शिवांगी की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए एक बड़ा संबल बनेगी। सभी ने शिवांगी के उज्ज्वल, सफल और प्रेरणादायी प्रशासनिक भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे एक संवेदनशील व कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जनसेवा की नई मिसाल कायम करेंगी।

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