देश की रक्षा में लड़े कई युद्ध, आज नम आंखों से दी गई श्रद्धांजली: स्व. भीम सिंह रावल के ‘पीपल पानी’ में उमड़ा जनसैलाब

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देश की रक्षा में लड़े कई युद्ध, आज नम आंखों से दी गई श्रद्धांजली: स्व. भीम सिंह रावल के ‘पीपल पानी’ में उमड़ा जनसैलाब
हल्द्वानी/बिंदुखत्ता:
कुछ लोगों का जीवन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए समर्पित होता है। ऐसे ही एक महान योद्धा और दरियादिल इंसान, भारतीय सेना के पूर्व जांबाज सैनिक स्व. श्री भीम सिंह रावल जी को उनके ‘पीपल पानी’ संस्कार के अवसर पर अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी गई। उनके कार रोड स्थित आवास पर संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा रहा। जिसने भी इस वीर सपूत को याद किया, उसकी आंखें बरबस ही छलक उठीं।
देश के लिए लड़े युद्ध, समाज के लिए बांटे सुख-दुख
गंगोलीहाट के सिमालय गांव की पावन माटी में जन्मे स्व. भीम सिंह रावल ने अपना यौवन भारतीय सेना की वर्दी और मां भारती की सेवा में समर्पित कर दिया। सरहद पर दुश्मनों के खिलाफ कई युद्धों में हिस्सा लेने वाले भीम सिंह जी, असल जिंदगी में बेहद मिलनसार और दयालु स्वभाव के धनी थे। वे क्षेत्र के लोगों के हर सुख-दुख में बिना बुलाए पहुंचने वाले एक मजबूत स्तंभ थे। उनका इस तरह हमेशा के लिए चले जाना हर किसी को गहरे गम में डुबो गया है।
विरासत में सौंप गए देशभक्ति और जनसेवा
स्व. रावल जी अपने पीछे पत्नी दो होनहार पुत्रों सहित एक भरा-पूरा परिवार बिलखता छोड़ गए हैं। उन्होंने जो जनसेवा और देशभक्ति के बीज बोए, वो आज उनके बच्चों में साफ झलकते हैं। उनके एक पुत्र आनन्द सिंह रावल भाजपा मण्डल बिंदुखत्ता के उपाध्यक्ष के रूप में समाज सेवा में निरंतर सक्रिय हैं, वहीं दूसरे पुत्र गणेश रावल अपने पिता के ही पदचिह्नों पर चलते हुए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और देश की सरहदों की हिफाजत कर रहे हैं।
मां हाट कालिका के परम भक्त
एक निडर सैनिक होने के साथ-साथ उनका हृदय अध्यात्म से जुड़ा था। स्व. भीम सिंह रावल जी की मां हाट कालिका और पाताल भुवनेश्वर के चरणों में अगाध व अटूट आस्था थी। वे एक सच्चे कर्मयोगी थे, जिन्होंने जीवन भर अपने धर्म और कर्म दोनों का पूरे मन से निर्वहन किया।
नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवार के आंसू पोंछने और दिवंगत आत्मा को नमन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे। भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से:
डॉ० मोहन सिंह बिष्ट (विधायक)
नवीन चन्द्र दुम्का (पूर्व विधायक)
कमलेश चंदोला (पूर्व जिला पंचायत सदस्य)
हेमवती नन्दन दुर्गापाल (सामाजिक कार्यकर्ता) कैलाश कुंवर 
दीपक जोशी सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक और आम जनमानस उपस्थित रहे।
परिजनों के बहते आंसू और वहां मौजूद हर शख्स की खामोशी इस बात की गवाही दे रही थी कि भीम सिंह रावल जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अपनों के लिए एक पूरा संसार थे। उनका भौतिक शरीर भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी यादें, उनकी मुस्कान और उनका अमर बलिदान क्षेत्रवासियों के दिलों में हमेशा धड़कता रहेगा।
शत-शत नमन! ॐ शांति!

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