लोहाघाट : चम्पावत जनपद अंतर्गत ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ श्री ऋषेश्वर महादेव मन्दिर प्रांगण में आगामी 29 अगस्त से एक ऐसी दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने जा रहा है, जिसकी गूँज समूची देवभूमि में सुनाई दे रही है। इस वर्ष का 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं ऐतिहासिक ’56वाँ विशाल भण्डारा’ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि भक्तों के लिए ईश्वरीय कृपा और अलौकिक अनुभूतियों के साक्षात्कार का पावन अवसर बनने जा रहा है।
अमृतमयी भागवत रस की बहेगी अविरल धारा
कथा व्यास परम पूज्य आचार्य ब्रजराज पार्थ सारथी जी महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित होने वाली अमरकथा में श्रद्धालु ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे। श्रीमद् भागवत के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य प्रेममयी लीलाओं का ऐसा सरस वाचन होगा, जो श्रोताओं के अंतःकरण को दिव्यता से भर देगा। ऋषेश्वर महादेव की छत्रछाया में इस बार की कथा को आत्म-कल्याण और ईश्वरीय अनुभूति की दृष्टि से बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।
पारंपरिक पिछौड़े में सजेगा मातृशक्ति का मंगल कलश
महोत्सव का शुभारंभ शनिवार, 29 अगस्त 2026 को प्रातः 09:00 बजे ऋषेश्वर मन्दिर से भव्य एवं दिव्य मंगल कलश यात्रा के साथ होगा। देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप मातृशक्ति से पारंपरिक परिधान ‘रंग्याली पिछौड़ा’ धारण कर सुसज्जित मंगल कलश के साथ सम्मिलित होने का विशेष आह्वान किया गया है। प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से वैदिक विधि-विधान से पूजन व मूलपाठ संपन्न होगा, जबकि दोपहर 02:30 बजे से सायं ‘शिव इच्छा’ तक कथा रसामृत की वर्षा होगी।
5 सितम्बर को पूर्णाहुति और 56वाँ विशाल महा-प्रसाद
इस महा-अनुष्ठान का चरमोत्कर्ष शनिवार, 05 सितम्बर 2026 को देखने को मिलेगा। प्रातः 11:00 बजे कथा माहात्म्य, व्यास पूजन, पुराण पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। इसके उपरांत दोपहर 01:00 बजे से ‘शिव इच्छा’ तक 56वें विशाल भण्डारे में महा-प्रसाद का वितरण होगा। 12 गाँवों सहित दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह भण्डारा महादेव के असीम आशीर्वाद का प्रसाद सिद्ध होगा।
कार्यक्रम संयोजक श्री नाथूराम राय तथा मुख्य यजमान श्री लक्ष्मण सिंह पुजारी एवं श्री चन्द्रशेखर बगौली सहित मन्दिर के महन्त, पुजारी व क्षेत्रीय भक्तगण तैयारियों को भव्य स्वरूप देने में जुटे हैं। आयोजक मण्डल ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से सपरिवार पधारकर भागवत रूपी अमृतरस का पान करने तथा पुण्य के भागी बनने का सादर अनुरोध किया है।
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