भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण-

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नैनीताल 14 जुलाई 2026

जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR-2026) संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य निर्वाचन नामावली को पूर्णतः शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे तथा कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में सम्मिलित न रहे।

उन्होंने अवगत कराया कि अभियान के अंतर्गत मंगलवार 14 जुलाई 2026 को प्रारूप *निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया गया है।इसके साथ ही नोटिस फेज दावे -आपत्तियां का निस्तारण 14 जुलाई 2026 से 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा और 15 सितंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

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उन्होंने अवगत कराया कि
जनपद नैनीताल में प्रारूप निर्वाचक नामावली के अनुसार कुल 6,93,325 मतदाता हैं।* विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक किया गया है तथा लगभग 90.61 प्रतिशत अभिलेख डिजिटाइज किए जा चुके हैं। लगभग 71,810 (9.39%) मतदाता ऐसे चिन्हित हुए हैं जिनके प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके अथवा जिन्हें Uncollectable (ASDD) श्रेणी में रखा गया है। इन सभी मामलों का नियमानुसार परीक्षण एवं सत्यापन किया गया।

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की पहचान भी की गई है। जनपद नैनीताल में लगभग 1,88,054 संभावित विसंगतियां चिन्हित हुई हैं, जिन पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा विधिसम्मत नोटिस जारी कर आवश्यक जांच एवं सुनवाई की जाएगी।

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*जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके नाम, पते, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में कोई त्रुटि हो या किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित न हो, तो निर्धारित अवधि के भीतर फॉर्म-6, फॉर्म-7 अथवा फॉर्म-8 के माध्यम से दावा अथवा आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें।*

उन्होंने कहा कि सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।

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