लालकुआँ। राधे राधे सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री रामकथा श्रवण में पहुँचे वरिष्ठ एवं लोकप्रिय समाजसेवी हेमवती नन्दन दुर्गापाल से बातचीत के प्रमुख अंश—
प्रश्न: श्री रामकथा श्रवण में आकर आपको कैसा अनुभव हो रहा है?
उत्तर: अत्यंत दिव्य और आत्मिक शांति देने वाला अनुभव है। रामकथा मन, वाणी और कर्म—तीनों को शुद्ध करती है। यहाँ का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत है।
प्रश्न: आज के समय में रामकथा की प्रासंगिकता आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: आज समाज को मर्यादा, करुणा और कर्तव्यबोध की सबसे अधिक आवश्यकता है। भगवान श्रीराम का जीवन आज भी हमें सत्य, त्याग और सेवा का मार्ग दिखाता है।
प्रश्न: राधे राधे सेवा समिति के प्रयासों पर आपका क्या कहना है?
उत्तर: समिति सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार होता है। मैं समिति को हृदय से साधुवाद देता हूँ।
प्रश्न: युवाओं के लिए आपका संदेश?
उत्तर: युवा रामचरितमानस और रामकथा से प्रेरणा लें। सेवा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारें—यही सच्ची साधना है।
प्रश्न: समाजसेवा और अध्यात्म का आपसी संबंध?
उत्तर: अध्यात्म बिना सेवा अधूरा है। जब सेवा में करुणा और समर्पण जुड़ जाता है, तभी समाज का वास्तविक कल्याण होता है।
विशेष: हेमवती नन्दन दुर्गापाल ने आयोजकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और दिशा देने का कार्य करते हैं।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
