भव्य कलश यात्रा के साथ हल्द्वानी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, कथाव्यास बोले भगवान की भक्ति ही मुक्ति का मार्ग

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भव्य कलश यात्रा के साथ हल्द्वानी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, कथाव्यास बोले भगवान की भक्ति ही मुक्ति का मार्ग
हल्द्वानी। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति, हल्द्वानी के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ बेहद धूमधाम और भव्यता के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन क्षेत्र में एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी परेश यति महाराज जी की अध्यक्षता में माताएं और बहनें पारंपरिक मंगल परिधान पहन कर श्री दत्तात्रेय आश्रम रामपुर से कालिका मंदिर देवल चौड तक गईं। कलश यात्रा के दौरान भजनों की धुन पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

इस धार्मिक आयोजन में समिति के संरक्षक प्रोफेसर डॉ. एस. डी. तिवारी, स्थानीय संयोजक मोहन पाठक, मुख्य यजमान पान सिंह बिष्ट व श्रीमती तुलसी बिष्ट, पार्षद भागीरथी देवी, भाजपा नेता राजू नेगी और मदन नेगी सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और सैकड़ों महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हुईं।

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कलश यात्रा के समापन के बाद मुख्य कथा स्थल पर प्रथम दिन की कथा का शुभारंभ हुआ। सुप्रसिद्ध कथा व्यास डॉ. नवीन चन्द्र जोशी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का माहात्म्य सुनाया। उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की कथा सुनाते हुए कहा कि इस संसार में भगवान की भक्ति ही मनुष्य को परम मुक्ति देने वाली है। धुंधुकारी और गोकर्ण की पौराणिक कथा का जीवंत वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भागवत की पवित्र कथा जीव को प्रेतत्व से भी मुक्त कराने वाली है। इसके साथ ही उन्होंने मानव जीवन में सत्य, शौच (पवित्रता), दया और दान के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य श्री प्रमोद जोशी के निर्देशन में आचार्य प्रकाश चन्द्र जोशी, सचिन जोशी, पं. हेम चन्द्र जोशी, आचार्य गोविन्द बल्लभ जोशी, मंजीत जोशी और मोहित जोशी ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य पूजन संपन्न कराया। कथा के अंत में महामण्डलेश्वर स्वामी परेश यति महाराज ने आरती उतारी और उपस्थित सभी भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।