ढलान चक्की भूमियां देवता मंदिर में गूंजी शिव-पार्वती विवाह की दिव्य कथा, श्रद्धा में डूबे भक्तजन

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बिन्दुखत्ता/ढलान चक्की स्थित भूमियां देवता मंदिर प्रांगण में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के दौरान भक्तिरस से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। कथा के पावन अवसर पर माता पार्वती की घोर तपस्या तथा भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह का अत्यंत सुन्दर, भावपूर्ण और शास्त्रसम्मत वर्णन किया गया।

प्रसिद्ध कथा वाचक मनोज कृष्ण शास्त्री ने अपने ओजस्वी वाणी प्रवाह में माता पार्वती की कठोर तपश्चर्या का मार्मिक चित्रण करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने हिमालय की गोद में घोर तप कर महादेव को पति रूप में प्राप्त किया। शास्त्री जी ने कहा कि पार्वती की तपस्या नारी शक्ति, अटूट विश्वास और परम समर्पण का प्रतीक है, जिसने स्वयं त्रिलोकीनाथ भगवान शिव को भी प्रसन्न कर दिया।

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कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कैलाश से लेकर हिमालय तक के दिव्य दृश्य साकार कर दिए। देवताओं की उपस्थिति, गंधर्वों का गायन, ऋषियों का आशीर्वाद और शिव की अनोखी बारात का वर्णन सुनकर भक्तजन भावविभोर हो उठे। पूरा मंदिर प्रांगण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो गया।

इस अवसर पर यजमान श्रीमती एवं श्री मदन तुलेड़ा यजमान महाराज चन्द्रशेखर गिरी महाराज भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि सृष्टि के संतुलन और धर्म की स्थापना का दिव्य संदेश है। ऐसी कथाएं जीवन में श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करती हैं।
कथा के दौरान मंदिर समिति से जुड़े अनेक श्रद्धालुजन उपस्थित रहे, जिनमें विनोद बिष्ट, वीर सिंह तुलेड़ा, राजेन्द्र सिंह कोरंगा, रोहित कनवाल, प्रेम सिंह बिष्ट, नन्दन सिंह तुलेड़ा, दीवान सिंह बर्गली, गंगा सिंह बिष्ट, उत्तम सिंह भण्डारी, हरक सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, खीम सिंह, महेन्द्र रावत, मनोज बर्गली, ललित मोहन बिसौती, पूरन चन्द्र जोशी, रमेश चन्द्र तिवारी, सुरेश चन्द्र जोशी सहित समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह कोरंगा दल में विशेष रूप से धीरज सिंह बिष्ट, मनोज रावत , मनोज रावत मदन तुलेड़ा, संजय जोशी, दीपू भट्ट, चंचल कोरंगा, पार्वती तुलेड़ा, आशा देवी, दीपा बिष्ट, लीला पांडे, चंदन बथ्याल, हरीश नगरकोटी, मदन सिंह बोरा, भुवन मेर, त्रिलोक चंद्र भट्ट, श्रवण जोशी, त्रिलोचन जोशी, प्रशांत सेलाकोटी, नीरज अधिकारी, किशोर चंद्र फुलारा, रजत कनवाल, सुंदर बिष्ट सहित आपार संख्या में मातृ शक्तियाँ मौजूद रही
सम्पूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। भक्तजन अत्यन्त श्रद्धा के साथ कथा श्रवण करते हुए शिव कृपा में डूबे दिखाई दिए, और श्री शिव महापुराण कथा को जीवन के लिए कल्याणकारी बताते हुए भक्तों ने सराहना की।