पहाड़ों की वादियों से उठी वह सुरीली तान जिसने लोक संस्कृति में फूंक दिए नए प्राण

ख़बर शेयर करें

​मोटाहल्दू/नीरज सुयाल की ओर से कुमाऊं की लोक संस्कृति के अनमोल रत्न, सुप्रसिद्ध गायक कलाकार एवं घुघूति जागर मंडली के मार्गदर्शक श्री राजेंद्र प्रसाद जी को जन्मदिवस की अनंत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  संसद के आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण बिना शर्त लागू करने पर मोहर लगायी जाय : श्वेता राज

श्री सुयाल ने कहा आपकी सुरीली आवाज और अद्वितीय जागर गायन ने हमारी समृद्ध कुमाऊंनी संस्कृति और धरोहर को एक नई पहचान दी है। उत्तराखंड की माटी की इस जादुई आवाज और शानदार जागर गायन ने हमेशा जन-जन के दिलों को छुआ है। हमारी लोक संस्कृति को संजोने और उसे आगे बढ़ाने में आपका योगदान सर्वथा अतुलनीय है। देवभूमि की इस महान कला के संवर्धन और लोक धरोहर के मजबूत स्तंभ राजेंद्र दाज्यू के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता के लिए बाबा केदारनाथ और भगवान बद्री विशाल से मंगल कामना की गई है कि वे ऐसे ही अपनी कला से उत्तराखंड का नाम सदैव रोशन करते रहें।