माँ अवंतिका के आशीष से सजेगा मर्यादा पुरुषोत्तम का पावन दरबार: बिन्दुखत्ता में चतुर्थ वर्ष के भव्य श्री रामलीला मंचन की तैयारियां तेज

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माँ अवंतिका के आशीष से सजेगा मर्यादा पुरुषोत्तम का पावन दरबार: बिन्दुखत्ता में चतुर्थ वर्ष के भव्य श्री रामलीला मंचन की तैयारियां तेज

लालकुआँ/बिन्दुखत्ता:

बिन्दुखत्ता के राजीवनगर प्रथम में श्री रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित होने वाले चतुर्थ वर्ष के भव्य श्री रामलीला मंचन 2026 को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी हैं। धर्म और संस्कृति के इस पावन उत्सव के निर्विघ्न आयोजन हेतु कमेटी के पदाधिकारियों ने शनिवार को लालकुआँ स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ अवंतिका मंदिर पहुंचकर जगतजननी का विधि-विधान से आशीर्वाद लिया और माता के चरणों में श्री रामलीला मंचन का प्रथम निमंत्रण पत्र अर्पित किया।

शक्ति की आराधना से ही सिद्ध होते हैं रामकाज

सनातन परंपरा में प्रभु श्री राम और आदिशक्ति भगवती का संबंध अटूट व दिव्य है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने भी लंका विजय और असत्य पर सत्य की ध्वजा फहराने से पूर्व नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की अनन्य उपासना कर विजयश्री का वरदान प्राप्त किया था। ‘राम की शक्ति पूजा’ यह अमर संदेश देती है कि धर्म, मर्यादा और न्याय की पुनर्स्थापना के लिए शक्ति की कृपा अनिवार्य है। इसी पावन भाव से अभिभूत होकर रामलीला कमेटी ने सबसे पहले शक्ति के पावन धाम में शीश नवाया।

मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥ रामकथा कल कामद गाई। सुजन सजीवनि मूरि सुहाई॥

11 से 20 अक्टूबर तक बहेगी भक्ति और मर्यादा की अमृत रसधार

आमंत्रण पत्र के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एवं माता जानकी की असीम कृपा से चतुर्थ वर्ष का यह दिव्य मंचन आगामी 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) से 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार, विजयदशमी) तक प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से आयोजित किया जाएगा।

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दस दिवसीय इस पावन उत्सव का कार्यक्रम विवरण इस प्रकार रहेगा:

  • प्रथम दिवस (11 अक्टूबर): नारद मोह एवं श्री राम जन्मोत्सव
  • द्वितीय दिवस: ताड़का वध मंचन
  • तृतीय दिवस: धनुष यज्ञ
  • चतुर्थ दिवस: दशरथ-कैकई संवाद
  • पंचम दिवस: भरत मिलाप
  • षष्ठम् दिवस: सूर्पनखा नासिका छेदन
  • सप्तम् दिवस: बाली-सुग्रीव संवाद
  • अष्टम् दिवस: अंगद-रावण संवाद
  • नवम् दिवस: मेघनाद एवं कुंभकरण वध
  • दशम् दिवस (दशहरा): रावण वध एवं भव्य श्री राम राजतिलक
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समाज के नैतिक निर्माण का संबल है रामलीला

श्री रामलीला केवल एक पारम्परिक मंचन भर नहीं, बल्कि मानव जीवन को आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श मित्र और आदर्श राजा के मूल्यों से समृद्ध करने वाली संजीवनी है। आज के आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और उच्च नैतिक आदर्शों से जोड़ने में रामलीला मंचन एक मजबूत आधारशिला का कार्य करता है।

धर्म न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुरान बखाना॥

इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नन्दन तुलेड़ा, प्रबंधक विनोद सिंह बिष्ट, संगठन मन्त्री पूरन बिष्ट, सुन्दर खर्कवाल, चंचल कोरंगा, गोविन्द गड़िया और धन सिंह गड़िया उपस्थित रहे। साथ ही माँ अवंतिका मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती, आचार्य चन्द्र शेखर जोशी तथा एडवोकेट हरीश नैनवाल सहित कई गणमान्य लोगों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित करने का आह्वान किया।

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