लालकुआँ। देवभूमि के प्रसिद्ध एवं सिद्ध शक्ति स्थल माँ अवंतिका मंदिर परिसर में आज भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के विकास और जनसेवा में निरंतर सक्रिय रहने वाली हल्दूचौड़ के नारायणपुरम् निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य चम्पा पाण्डे एवं प्रसिद्ध समाज सेविका पूजा असगोला ने आज लालकुआँ नगर के भव्य शक्ति स्थल माँ अवंतिका मंदिर पहुंचकर जगतजननी के दिव्य दर्शन किए और समूचे क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर पहुंचने पर दोनों विशिष्ट अतिथियों का मंदिर समिति द्वारा अत्यंत आत्मीय और भावपूर्ण अभिनंदन किया गया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती तथा वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश नैनवाल ने देवभूमि की पावन परंपराओं के अनुरूप दोनों अतिथियों को माँ भगवती की सिद्ध ‘मंगल पट्टिका’ ओढ़ाकर एवं प्रसाद प्रदान कर उनका स्वागत किया।
माँ अवंतिका के दर्शन और पूजा-अर्चना के उपरांत क्षेत्र पंचायत सदस्य चम्पा पाण्डे एवं समाज सेविका पूजा असगोला ने मंदिर के अलौकिक वातावरण से अभिभूत होकर अपना विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माँ अवंतिका का यह पावन धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के लिए सकारात्मक ऊर्जा, आत्मीय शांति और प्रेरणा का अखंड स्रोत है। यहाँ आते ही मन को एक अद्भुत शांति और समाज सेवा की नई दिशा मिलती है। मंदिर समिति जिस निस्वार्थ भाव, स्वच्छता और अनुशासन के साथ इस पावन धाम की व्यवस्थाओं का संचालन कर रही है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश नैनवाल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि माँ अवंतिका का यह पावन दरबार केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का आधार स्तंभ है। जब समाज निर्माण और लोक-कल्याण में अग्रणी भूमिका निभाने वाली हमारी मातृ शक्ति ऐसे पवित्र स्थलों पर पहुँचकर आशीर्वाद ग्रहण करती है, तो इससे संपूर्ण समाज में एक सकारात्मक संदेश और ऊर्जा का संचार होता है। मातृ शक्ति का सत्कार हमारी सनातन संस्कृति का मूल मंत्र है।
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने मंदिर परिवार की ओर से अतिथियों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में नेतृत्व करने वाली मातृ शक्तियों का आगमन मंदिर की शोभा है। जब समाज को दिशा देने वाली और जनसेवा में जुटी नारी शक्तियाँ इस पावन प्रांगण में शीश नवाती हैं, तो मंदिर परिसर की दिव्यता और अधिक प्रखर हो उठती है। माँ भगवती का यह दरबार सदैव सभी श्रद्धालुओं के लिए मंगलकारी है।
इस दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने माँ भगवती के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
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