बेरीपड़ाव की पावन धरा पर आखिर क्या रचने जा रहा है ऐसा अलौकिक इतिहास? 1 से 7 नवंबर के बीच उमड़ेगा आस्था का वह महासागर, जिसे जानकर आप भी रह जाएंगे मंत्रमुग्ध!

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बेरीपड़ाव (उत्तराखंड): देवभूमि की सुरम्य वादियों में स्थित बेरीपड़ाव की पावन धरा बहुत जल्द एक ऐसे आध्यात्मिक और दिव्य महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है, जिसकी गूंज पूरे अंचल को भक्ति रस से सराबोर कर देगी। जब शक्ति की अधिष्ठात्री माँ भगवती की आराधना और भगवान श्रीकृष्ण की अमृतमयी कथा का संगम एक साथ होगा, तो उस पावन भूमि पर साक्षात देवलोक की अनुभूति होना स्वाभाविक है। धर्मप्रेमी बंधु श्री गोपाल गोस्वामी एवं श्री नन्दन गोस्वामी के सौजन्य से उनके नवनिर्मित प्रतिष्ठान होटल “उदय बाखई” के पावन शुभारम्भ तथा पूज्य माता-पिता के पुण्य प्रसाद व पावन स्मृति में “संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री शत चण्डी याग” का भव्य ज्ञान यज्ञ आयोजित होने जा रहा है।

ज्ञान के सूर्य और साक्षात प्रज्ञा: जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी

इस महोत्सव की आभा को आध्यात्मिक शिखर तक ले जाती है वह दिव्य गुरु-परंपरा, जिसके शीर्ष पर विराजमान हैं जगद्गुरु प्रस्थानत्रय भाष्यकार, पद्मविभूषण पूज्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज। स्वामी जी केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रज्ञा, वेद-वेदांग और भारतीय सनातन संस्कृति के साक्षात कल्पवृक्ष हैं। नेत्रों की ज्योति न होने के उपरांत भी जिनकी दिव्य अंतर्दृष्टि ने संपूर्ण विश्व को ज्ञान का आलोक प्रदान किया है, जिनकी प्रखर वाणी से प्रस्फुटित हर शब्द ब्रह्मनाद के समान हृदय में उतर जाता है, ऐसे युगदृष्टा महापुरुष की असीम अनुकंपा इस संपूर्ण आयोजन की आत्मा है।

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अमृतमयी वाणी के धनी: कथा व्यास पं. मनोज कृष्ण जोशी जी

पूज्य जगद्गुरु जी के इसी पावन ज्ञान-प्रवाह को जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती दायित्व उनके परम कृपापात्र शिष्य, श्रद्धेय पं. मनोज कृष्ण जोशी जी संभालेंगे। व्यासपीठ पर आसीन होने जा रहे पं. मनोज कृष्ण जोशी जी की वाणी में माँ सरस्वती का साक्षात वरदान झलकता है। उनकी सुमधुर, ओजस्वी और रससिक्त शैली जब श्रीमद्भागवत के गूढ़ प्रसंगों की व्याख्या करती है, तो श्रोता भाव-विभोर होकर कृष्ण-प्रेम के अथाह सागर में गोते लगाने लगते हैं। कथा में शास्त्रीय मर्यादा, भक्ति भाव और सरसता का ऐसा अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जो अंतरात्मा को तृप्त कर देता है।

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सात दिवसीय दिव्य अनुष्ठान का भव्य स्वरूप

यह विराट धार्मिक अनुष्ठान 01 नवम्बर 2026 से 07 नवम्बर 2026 (कार्तिक कृष्ण पक्ष सप्तमी) तक श्रद्धा व उल्लास के साथ आयोजित होगा:

  • 01 नवम्बर 2026 (शुभारम्भ एवं भव्य कलश यात्रा): प्रातः 08:00 बजे मातृशक्ति द्वारा भव्य एवं पावन कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही नित्य पूजन प्रातः 08:00 से 11:00 बजे तक तथा प्रतिदिन दोपहर 01:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक व्यासपीठ से सुमधुर भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा।
  • 06 नवम्बर 2026 (विशेष दिन): धनतेरस के पावन पर्व पर नवनिर्मित प्रतिष्ठान “होटल उदय बाखई” का भव्य एवं विशाल शुभारम्भ सम्पन्न होगा।
  • 07 नवम्बर 2026 (विश्राम दिवस): दोपहर 01:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शत चण्डी याग की पूर्णाहुति, व्यास पूजन एवं ग्रंथ पूजन होगा। इसके उपरांत दोपहर 02:00 बजे से विशाल महाप्रसाद एवं अटूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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आयोजन का पावन स्थल

  • कथा स्थल: होटल उदय बाखई, निकट महालक्ष्मी मंदिर, बेरीपड़ाव।
  • आयोजक एवं निवेदक: श्री गोपाल गोस्वामी एवं श्री नन्दन गोस्वामी।

समस्त धर्मानुरागी सज्जनों व मातृशक्ति से करबद्ध निवेदन किया गया है कि वे सपरिवार पधारकर इस अलौकिक भागवत ज्ञान गंगा में डुबकी लगाएं, शत चण्डी याग के दिव्य स्पंदन का लाभ लें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।

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