कौन हैं वो 17 चेहरे जिनकी पहली ही झलक ने बांध दिया समां? जय नगर में सजने जा रहा है एक ऐसा ऐतिहासिक मंच, जिसका साक्षी बनेगा पूरा क्षेत्र!

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पूर्व सैनिक के कड़े निर्देशन में 80 प्रतिशत स्थानीय प्रतिभाएं रचेंगी नया इतिहास; 28 अक्टूबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय महामंचन को लेकर गहराया कौतूहल
रुद्रपुर (जय नगर)।
आखिर इस बार जय नगर की धरती पर ऐसा क्या घटने जा रहा है, जिसने मंचन से हफ्तों पहले ही पूरे इलाके में भारी उत्सुकता और कौतूहल पैदा कर दिया है? अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को नई पीढ़ी की नसों में उतारने के लिए जय नगर-4 स्थित डिवाइन कॉम्प्लेक्स के तृतीय तल पर एक ऐसा ताना-बाना बुना गया है, जिसकी भव्यता की गूंज अभी से सुनाई देने लगी है। ‘ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन’ के बैनर तले गठित ‘श्री आदर्श रामलीला समिति’ का जब विधिवत श्रीगणेश हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स यह देखकर दंग रह गया कि पहले ही दिन की तालीम (रिहर्सल) में 17 कलाकारों ने अपने अप्रत्याशित और जीवंत अभिनय से पूरे माहौल में सिहरन पैदा कर दी।
भक्ति, आस्था और रहस्यमयी ऊर्जा का संचार
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित भैरव दत्त उपाध्याय द्वारा उच्चारित वेदमंत्रों के बीच हुआ। श्री गणेश पूजन के साथ जब भव्य ‘श्री राम दरबार’ की स्थापना हुई और प्रभु श्री राम, पवनपुत्र हनुमान जी के साथ-साथ कुमाऊं के न्याय के अधिष्ठाता गोल्ज्यू महाराज की महाआरती उतारी गई, तो समूचा परिसर अयोध्या धाम जैसी अलौकिक आभा से जगमगा उठा। मातृशक्ति ने जब ढोलक, हारमोनियम और तबले की गूंज पर सुमधुर भजनों और कीर्तन का प्रवाह छेड़ा, तो उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर होकर झूमने लगा।
पूर्व सैनिक का कड़ा अनुशासन और स्थानीय प्रतिभाओं का दम
इस बार की रामलीला केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रतिभा के प्रकटीकरण का एक अनूठा प्रयोग साबित होने वाली है। सेना से सेवानिवृत्त होकर कला के क्षेत्र में अपनी धाक जमाने वाले कुशल निर्देशक कल्याण सिंह दिन-रात एक कर इन कलाकारों को तराशने में जुटे हैं। उनके सधे हुए मार्गदर्शन में पहले ही दिन 17 पात्रों ने जिस तन्मयता से संवाद अदायगी और हाव-भाव दिखाए, उसने दर्शकों के मन में यह सवाल छोड़ दिया है कि मुख्य मंचन पर यह दृश्य कितना विहंगम होगा। समिति ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए तय किया है कि 80 प्रतिशत मुख्य भूमिकाएं छतरपुर से लेकर दिनेशपुर तक के स्थानीय कलाकारों को दी जाएंगी, जबकि मात्र 20 प्रतिशत विशिष्ट भूमिकाओं के लिए रुद्रपुर, हल्द्वानी व बरेली के कलाकारों का सहयोग लिया जाएगा।
28 अक्टूबर से 6 नवंबर तक महामंचन, 28 सितंबर को होगा बड़ा निर्णय
आगामी 28 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस 10 दिवसीय भव्य मंचन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रतिदिन सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 से रात्रि 9:00 बजे तक कलाकारों की तालीम और मंथन बैठकें चल रही हैं। इस पूरे आयोजन को अंतिम संगठनात्मक स्वरूप देने के लिए 28 सितंबर 2026 को प्रातः 10:00 से दोपहर 1:00 बजे के बीच सर्वसम्मति से मुख्य कार्यकारिणी का ऐतिहासिक गठन किया जाएगा।
आस्था के इस महायज्ञ में जुटे क्षेत्र के प्रबुद्धजन
इस गरिमामयी शुरुआत के साक्षी बने डिवाइन कॉम्प्लेक्स एवं स्वर्णिका ज्वैलर्स के स्वामी नागेंद्र चंद्र भट्ट, पूजा भट्ट, समिति के मुख्य संयोजक दीपक पांडे, ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन की संस्थापक ममता पांडे, सरिता गोस्वामी, हंसा पांडे, बबली गोस्वामी, दीपा खनका, किरन रौथाण, आरती, समाजसेवी सुमित पांडे, दिनेश पंत, राजेन्द्र जोशी, प्रकाश चंद, प्रकाश चंदोला, चारू पांडे, गिरधर कारकी, जसपाल सिंह बिष्ट, अरुण सलवासी, आनंद सिंह असगोला, शंकर नगरकोटी, नीरज आगरी, गोविंद रौतेला, दीपक नेगी, प्रताप सिंह भंडारी, कृष्णा कांडपाल, नवीन शर्मा, बसंत जोशी, हरीश पांडे, दिनेश पांडे और रघुवीर भंडारी सहित क्षेत्र के सैकड़ों बुजुर्ग, युवा, मातृशक्ति और बच्चे। उपस्थित सभी रामभक्तों ने एक स्वर में इस पावन अनुष्ठान को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दोहराया।

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