कड़वे पत्तों से मिटेगा शहर का जहर: जानिए पुरानी तहसील की 4 बीघा जमीन पर क्या है रुद्रपुर का ‘सीक्रेट ग्रीन प्लान’
प्रदूषण और पॉलीथिन के खिलाफ नगर निगम और पर्यावरणविदों की साझा घेराबंदी; अक्टूबर के पहले पखवाड़े में जमीन पर उतरेगा बड़ा बदलाव
रुद्रपुर। शहर की आबोहवा को बदलने और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पर्दे के पीछे तैयार किया गया एक बड़ा खाका अब धरातल पर उतरने लगा है। पुरानी तहसील परिसर की करीब चार बीघा खाली जमीन को लेकर लंबे समय से जारी कयासों पर विराम लग गया है। इस भूखंड पर कंक्रीट का कोई ढांचा नहीं, बल्कि शहर की सांसों को नया जीवन देने वाली ‘हरी संजीवनी’ विकसित की जा रही है।
स्वच्छता के संकल्प से खुली हरित योजना की परतें
इस वृहद अभियान की औपचारिक शुरुआत 1 अक्टूबर को नगर निगम के व्यापक स्वच्छता अभियान के साथ हुई। नगर के पर्यावरण ब्रांड एंबेसडर व पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पन्त और युवा महापौर विकास शर्मा की संयुक्त अगुवाई में रुद्रपुर को पूर्णतः पॉलीथिन मुक्त करने का साझा संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों और प्रतिभागियों को जूट के इको-फ्रेंडली बैग वितरित किए गए। महापौर ने दो-टूक शब्दों में जनमानस से सिंगल-यूज प्लास्टिक को हमेशा के लिए अलविदा कहने और कपड़े व जूट के थैलों को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का पुरजोर आह्वान किया।
बांस से नींव और ‘कड़वे नीम’ से प्रदूषण पर प्रहार
स्वच्छता अभियान के तुरंत बाद पुरानी तहसील परिसर में बांस के पौधे रोपकर इस हरित क्रांति का श्रीगणेश किया गया। डॉ. आशुतोष पन्त के विशेष सुझाव और आग्रह पर नगर निगम प्रशासन ने इस दीर्घकालिक पौधारोपण के लिए लगभग चार बीघा सुरक्षित जमीन उपलब्ध कराई है।
योजना के अनुसार, यहाँ केवल फलदार और छायादार वृक्ष ही नहीं लहलहाएंगे, बल्कि महापौर विकास शर्मा की सकारात्मक पहल पर पूरे शहर में रिकॉर्ड संख्या में नीम के पेड़ रोपे जाएंगे।
“नीम केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि औषधीय गुणों की खान और कुदरती ‘ऑक्सीजन बैंक’ है। यदि शहर के प्रमुख हिस्सों में सघन रूप से नीम के पेड़ खड़े हों, तो जहरीला प्रदूषण खुद-ब-खुद घुटने टेक देगा।” — डॉ. आशुतोष पन्त, पर्यावरणविद
15 अक्टूबर तक लक्ष्य, निगम संभालेगा सुरक्षा की कमान
डॉ. पन्त के अनुसार, ‘मिशन ग्रीन’ के तहत अक्टूबर के पहले पखवाड़े (15 अक्टूबर) के भीतर ही शहर के चिन्हित हिस्सों में सघन नीम पौधारोपण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
अमूमन अभियानों के बाद देखरेख की कमी से पौधे सूख जाते हैं, लेकिन इस बार नगर निगम ने सुरक्षा और संवर्धन की सीधी जिम्मेदारी ली है। महापौर विकास शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि रोपे गए प्रत्येक पौधे को मजबूत ट्री-गार्ड से सुरक्षित किया जाएगा और उनकी नियमित सिंचाई की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। इस पूरे अभियान को प्रशासनिक स्तर पर गति देने में सहायक नगर आयुक्त श्रीमती राजू नबियाल की सक्रिय भूमिका रही है, जिनके समन्वय से निगम की टीमें धरातल पर मुस्तैद हैं।
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