न कोई शक्ति प्रदर्शन, न दिखावे की होड़: लालकुआँ के अम्बेडकर पार्क में अचानक क्यों उमड़ पड़ा युवाओं का यह विशाल जनसैलाब?

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न कोई शक्ति प्रदर्शन, न दिखावे की होड़: लालकुआँ के अम्बेडकर पार्क में अचानक क्यों उमड़ पड़ा युवाओं का यह विशाल जनसैलाब?

शैल शक्ति ब्यूरो / लालकुआँ

राजनीति में पद और प्रतिष्ठा तो बहुत लोगों को मिलती है, लेकिन जनमानस के हृदयों पर अमिट छाप वही छोड़ पाते हैं जिनका जीवन सादगी, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं से सिंचित होता है। लालकुआँ का अम्बेडकर पार्क आज एक ऐसे ही अनूठे दृश्य का साक्षी बना, जहाँ न कोई राजनीतिक औपचारिकता थी और न ही कोई दिखावा—बल्कि चारों ओर था अटूट स्नेह, सेवा का पावन संकल्प और ढोल-नगाड़ों की मंगल गूँज के बीच उमड़ा जन-उत्साह।

अवसर था भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश महामंत्री दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मदिवस का, जिसे कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने शक्ति प्रदर्शन के स्थान पर ‘सेवा और समर्पण पर्व’ के रूप में मनाकर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

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सादगी और संघर्ष की प्रतिमूर्ति: हर कार्यकर्ता के लिए सहज सुलभ

उत्तराखंड की राजनीति में दीपेन्द्र कोश्यारी आज केवल एक पदाधिकारी नहीं, बल्कि पर्वतीय अस्मिता, संघर्ष और युवा ऊर्जा के सशक्त संवाहक बनकर उभरे हैं।

  • सहज आत्मीयता: संगठन के शीर्ष दायित्व पर होने के बाद भी उनका अहंकार-शून्य स्वभाव और प्रत्येक कार्यकर्ता से आत्मीय भाव से मिलना ही उनकी सबसे बड़ी पूँजी है।
  • सरोकारों के प्रति निष्ठा: पहाड़ के दुर्गम अंचलों से लेकर तराई-भाबर की बस्तियों तक, किसी निर्धन के उपचार की बात हो या आपदा की घड़ी, वे सदैव सेवा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं।

अम्बेडकर पार्क लालकुआँ में भव्य अभिनंदन व विशाल रक्तदान शिविर

लालकुआँ के अम्बेडकर पार्क में आयोजित मुख्य समारोह में दीपेन्द्र कोश्यारी का कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पुष्पवर्षा, भव्य मालाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर आत्मीय अभिनंदन किया।

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इस अवसर को मानव सेवा से जोड़ते हुए एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया । इसके साथ ही लालकुआँ, बिन्दुखत्ता और गौलापार के प्रमुख देवालयों में उनके दीर्घायु और आरोग्य जीवन के लिए विशेष रुद्राभिषेक व हवन-पूजन संपन्न हुआ। विभिन्न सामाजिक टोलियों ने चिकित्सालयों में फल वितरण, गौशालाओं में गो-सेवा और पौधारोपण कर पूरे दिन को सेवा दिवस के रूप में सार्थक बनाया।

जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों व मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, युवा और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने एक स्वर में उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।

लालकुआँ की धरती पर उमड़े इस अपार जनसमर्थन और शुभकामनाओं के प्रवाह ने यह सिद्ध कर दिया कि जब नेतृत्व में सेवा भाव और संवेदनशीलता हो, तो समाज उसे अपने हृदय में स्थान देता है।

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समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

तारा पाण्डे राजलक्ष्मी पंडित मीनू सिंह, अरुण जोशी हेमन्त नरुला, पवन चौहान, रोहन चौधरी, हरबंस सिंह, प्रेमनाथ पण्डित, अरुण कुमार, धीरज भट्ट, संजीव शर्मा, पंकज सिंह, हरीश नैनवाल, विनोद शर्मा, उमेश तिवारी, डॉ. राजकुमार सेतिया, विनोद श्रीवास्तव, संजय अरोरा, अनिल गिरी, अनिल सिंह, महेश चौधरी, नवीन पपोला, अभिषेक सिंह, संजय ठाकुर, मस्तराज, इंतज़ार, पंचम लाल, अशोक अग्रवाल, प्रिंस भारद्वाज, दीनानाथ राय, रमेश कटियार, रामपाल सिंह, सुभाष यादव और अरविंद सिंह। सहित सैकड़ों की संख्या में मौजूद रहे

​लालकुआँ की धरती पर उमड़े इस अपार जनसमर्थन और शुभकामनाओं के प्रवाह ने यह सिद्ध कर दिया कि जब नेतृत्व में सेवा भाव और संवेदनशीलता हो, तो समाज उसे अपने सिर-आँखों पर बिठाता है।

 

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