आधुनिक सुविधाओं संग संस्कारों की छांव: हल्दूचौड़ में आतिथ्य और सामाजिक सरोकार का नया प्रतिमान गढ़ेगा ‘उदय पैलेस’

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: विद्यार्थियों के अध्ययन को शांत परिवेश और क्षेत्रवासियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं: नवरात्र में साकार होगा ‘उदय पैलेस’

आधुनिक सुविधाओं संग संस्कारों की छांव: हल्दूचौड़ में आतिथ्य और सामाजिक सरोकार का नया प्रतिमान गढ़ेगा ‘उदय पैलेस’

सादगी और सत्य के पथ पर तपे स्व. उदय गिरी गोस्वामी की पावन स्मृति में आकार ले रहा ‘होटल उदय पैलेस’; नवरात्र के पावन पर्व पर क्षेत्र को समर्पित होगी संस्कार, शांति और सेवा की नई छांव

हल्दूचौड़/लालकुआं: कहते हैं कि जब पिता का साया सिर से उठता है, तो पूरी दुनिया सूनी हो जाती है, लेकिन जब पिता के दिए संस्कार बेटे के रक्त में बह रहे हों, तो अभावों की राख से भी सेवा का सूर्य उदय होता है। हल्दूचौड़ की पावन धरती पर इन दिनों एक ऐसा ही अलौकिक स्वप्न आकार ले रहा है, जिसके पीछे न कोई व्यापारिक महत्वाकांक्षा है और न ही केवल ईंट-गारे की कोई भव्य इमारत—बल्कि इसके पीछे छुपी है एक बेटे के सजल नेत्रों की वह मौन प्रतिज्ञा, जिसने अपने दिवंगत पिता के संघर्षों और मां के त्याग को अमर करने की ठानी है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं ‘दिशा’ (नैनीताल) के निदेशक नन्दन गिरी गोस्वामी ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय उदय गिरी गोस्वामी की पावन स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए जिस ‘होटल उदय पैलेस’ की नींव रखी थी, वह अब अपने अंतिम चरण में पहुंचकर समूचे क्षेत्र के लिए गौरव का प्रतीक बनने जा रहा है।

आंसुओं में गुंथी माता-पिता के संघर्षों की अमर गाथा

स्वर्गीय उदय गिरी गोस्वामी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी गोस्वामी का संपूर्ण जीवन किसी महाकाव्य से कम नहीं रहा। यह दास्तान उन कठिन पगडंडियों की है, जहाँ अभावों के कांटे तो पग-पग पर थे, लेकिन दोनों ने कभी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। दोनों ही बेहद उच्च आध्यात्मिक विचारधारा के धनी थे।

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पिता स्वर्गीय उदय गिरी जी ने जीवन भर संघर्षों की भट्टी में खुद को तपाया, ताकि उनके आंगन में संस्कारों के फूल महक सकें। कई बार उन्होंने अपनी इच्छाओं, अपनी सुख-सुविधाओं की बलि केवल इसलिए दी ताकि परिवार आत्मसम्मान के साथ सिर उठाकर जी सके। वहीं ममता और साधना की प्रतिमूर्ति माता कुंती देवी ने हर विपदा में अपने पति का संबल बनकर घर को एक मंदिर का रूप दिया। न धन की लालसा, न आडंबर का मोह—उनका जीवन केवल प्रभु-स्मरण, सत्यपथ और मर्यादा का पर्याय रहा। आज भले ही स्वर्गीय उदय गिरी जी भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनके द्वारा रोपे गए सत्य और निष्ठा के बीज उनके सुपुत्र नन्दन गिरी गोस्वामी के आचरण में साक्षात दिखाई देते हैं। जब भी माता-पिता के उन त्याग भरे दिनों का स्मरण होता है, तो हर संवेदनशील हृदय की आंखें छलछला उठती हैं।

संस्कारों की विरासत: मानवीय संवेदनाओं की प्रतिमूर्ति हैं नन्दन गोस्वामी

माता-पिता से मिले दिव्य संस्कारों का ही प्रतिफल है कि आज नन्दन गिरी गोस्वामी राजनीति में शीर्ष पदों पर रहने के बावजूद एक सहज, सरल और करुणामयी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व दिशा डायरेक्टर के रूप में उनकी पहचान केवल एक कुशल संगठनकर्ता की नहीं, बल्कि गरीबों, वंचितों और असहायों के सच्चे हमदर्द की है।

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किसी जरूरतमंद की बेटी का विवाह हो, किसी गरीब का इलाज या किसी असहाय की पुकार—नन्दन गोस्वामी का हाथ हमेशा मदद के लिए सबसे पहले आगे बढ़ता है। उनके घर का द्वार हर दुखियारे के लिए सदैव खुला रहता है। क्षेत्रवासी मानते हैं कि नन्दन गोस्वामी की यह सेवा भावना असल में उनके पूज्य माता-पिता के चरणों में अर्पित प्रतिदिन की श्रद्धांजलि है।

शिक्षा, शांति और सुरक्षा का केंद्र बनेगा ‘होटल उदय पैलेस’

अक्सर होटल व्यवसाय को केवल विलासिता से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन नन्दन गिरी गोस्वामी ने ‘होटल उदय पैलेस’ की संकल्पना सेवा और सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर की है।

  • छात्रों के भविष्य को संवारने का प्रयास: हल्दूचौड़ और आसपास के शिक्षण संस्थानों में दूर-दराज से शिक्षा ग्रहण करने आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह स्थान वरदान साबित होगा। यहाँ एक शांत, अनुशासित, सुरक्षित और गरिमामय वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के अध्ययन में कोई बाधा न आए और उनका सर्वांगीण विकास हो सके। यह सब बेहद किफायती व उचित दरों पर उपलब्ध रहेगा।
  • अत्याधुनिक एवं सुसज्जित परिसर: होटल उदय पैलेस में 30 सुसज्जित और आरामदायक कमरे तैयार किए गए हैं।
  • स्वाद और आतिथ्य का संगम: खुले आसमान के नीचे प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए एक भव्य ‘रूफ टॉप रेस्टोरेंट’ तथा परिवार के साथ सुकून से बैठने के लिए एक ‘अंडर कवर रेस्टोरेंट’ तैयार किया गया है।
  • भव्य आयोजनों के लिए विशाल लॉन: सामाजिक, मांगलिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए हरे-भरे विस्तृत लॉन के साथ दो भव्य बैंक्वेट हॉल बनाए गए हैं।
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क्षेत्रवासियों की बड़ी समस्याओं का होगा समाधान

हल्दूचौड़, लालकुआं, बेरीपड़ाव, गोरापड़ाव, तीनपानी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मांगलिक कार्यों और पारिवारिक आयोजनों के लिए अब तक दूर-दराज के महंगे मैरिज हॉलों की ओर रुख करना पड़ता था। ‘होटल उदय पैलेस’ के प्रारंभ होने से मध्यमवर्गीय और आम परिवारों को अपनी ही दहलीज पर, उचित और सुलभ दरों पर उच्चस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी। यह परिसर केवल एक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि स्थानीय परिवारों के खुशियों का साझा मंच बनेगा।

माँ अवंतिका के चरणों में अटूट आस्था: नवरात्र से होगा स्वर्णिम शुभारंभ

नन्दन गिरी गोस्वामी और उनके समूचे परिवार की लालकुआं स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माँ अवंतिका देवी के प्रति अगाध श्रद्धा व अटूट निष्ठा है। गोस्वामी परिवार का दृढ़ विश्वास है कि जीवन का प्रत्येक पग और हर सफलता माँ अवंतिका के आशीर्वाद से ही संभव है।

यही कारण है कि ‘होटल उदय पैलेस’ का भव्य शुभारंभ आगामी पावन शारदीय नवरात्रियों के शुभ अवसर पर माँ भगवती की आराधना के साथ किया जा रहा है। नवरात्र के पावन दिनों में शुरू होने जा रहा यह प्रकल्प समूचे क्षेत्र के लिए एक मंगलकारी उपहार सिद्ध होगा।

सचमुच, जब संतानों के कर्मों में पिता की स्मृति और माता के संस्कारों का तेज समाहित होता है, तो ऐसे ही मंगलकारी संकल्प साकार होते हैं। ‘होटल उदय पैलेस’ आने वाले समय में केवल हल्दूचौड़ की पहचान ही नहीं बनेगा, बल्कि यह याद दिलाता रहेगा कि पितृ-ऋण को सेवा के संकल्प से कैसे अमर किया जाता है।

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