सन्नाटे में डूबा मोटाहल्दू: आखिर ऐसा क्या हुआ कि पक्ष-विपक्ष भूलकर एक साथ रो पड़ा पूरा क्षेत्र?

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सन्नाटे में डूबा मोटाहल्दू: आखिर ऐसा क्या हुआ कि पक्ष-विपक्ष भूलकर एक साथ रो पड़ा पूरा क्षेत्र?

मोटाहल्दू (नैनीताल)। अचानक फैली एक खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि हर सुख-दुख में सबसे आगे खड़ा रहने वाला और जनसरोकारों के लिए समर्पित एक जाना-पहचाना चेहरा अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है। बकुलिया निवासी प्रमुख समाजसेवी अनिल गुरुरानी के असामयिक निधन की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, हर कोई सन्न रह गया और समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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चित्रशिला घाट पर नम आंखों से अंतिम विदाई विगत दिनों हुए उनके निधन के बाद पवित्र चित्रशिला घाट, रानीबाग में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब की आंखें नम थीं। मुखाग्नि के समय घाट पर मौजूद हर शख्स उनके मिलनसार स्वभाव और सामाजिक कार्यों को याद कर भावुक नजर आया।

राजनीतिक दूरियां मिटीं, एक सुर में छलका सबका दर्द अनिल गुरुरानी की लोकप्रियता का दायरा इतना व्यापक था कि उनके जाने से पक्ष-विपक्ष की दीवारें ढह गईं। क्षेत्र के तमाम दिग्गज राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनके निधन पर गहरा शोक जताया।

  • सांसद व विधायक ने बताया अपूरणीय क्षति: क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट और लालकुआं विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि अनिल गुरुरानी जैसे समर्पित समाजसेवी का चले जाना पूरे क्षेत्र के लिए ऐसा शून्य है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
  • वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलि: पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुम्का, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह खनवाल और डॉ. बालम बिष्ट ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए इसे समाज के लिए बड़ी क्षति बताया।
  • क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में शोक: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विपिन जोशी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, जीवन चंद्र उप्रेती, विक्की पाठक, शेखर जोशी तथा शेखर कांडपाल समेत अनेक गणमान्य लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
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सभी ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय आघात सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उनका सादगी भरा जीवन और निःस्वार्थ सामाजिक योगदान हमेशा क्षेत्रवासियों के दिलों में याद रखा जाएगा।

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