लालकुआँ।
लालकुआँ के 25 एकड़ कॉलोनी रोड स्थित भोला मंदिर के सामने आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। कथा वाचक व्यास डॉ० पंकज मिश्रा ‘मयंक’ ने भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान जैसे ही जनकपुर की सभा, शिवधनुष भंग और विवाह की मंगल बेला का वर्णन हुआ, कथा पंडाल जय श्रीराम और सीताराम के उद्घोष से गूंज उठा। डॉ० पंकज मिश्रा मयंक की ओजस्वी वाणी और भावनाओं से परिपूर्ण शैली ने श्रद्धालुओं को मानो त्रेता युग की उस दिव्य लीला का साक्षी बना दिया। अनेक श्रद्धालु प्रसंग सुनकर भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं।
व्यास जी ने कहा कि सीता विवाह न केवल धार्मिक अवसर है, बल्कि यह धर्म, मर्यादा और पारिवारिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। इस प्रसंग से भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, पितृ आज्ञा पालन और सामाजिक समरसता का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानव मात्र के लिए आदर्श है और राम कथा आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ माध्यम है।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा श्रद्धा के साथ कथा श्रवण में लीन रहे। भजनों और मंगल गीतों के साथ पूरा वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा।
आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा का यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। कथा का क्रम प्रतिदिन श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
इधर कथा श्रवण को पहुंचें सेचुरी पल्प एंड पेपर मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अजय कुमार गुप्ता ने इस अवसर पर एक मुलाकात में कहा कि कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाला अनुपम साधन है। उनके अनुसार, श्रीराम का जीवन कर्तव्य, मर्यादा और सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कथा सुनकर मन शुद्ध होता है और व्यक्ति अपने कर्तव्यों को सही मार्ग पर निभाने की प्रेरणा पाता है। विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए कथा का श्रवण नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देता है।
अजय कुमार गुप्ता ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नैतिकता, अनुशासन और भक्ति का वातावरण निर्मित करते हैं और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना चाहिए। उनके विचारों में स्पष्ट झलकता है कि धर्म, अध्यात्म और सामाजिक जिम्मेदारी का संगम ही एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव है।
इस अवसर पर सेचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा, संजय बाजपेयी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे: क्षेत्रीय विधायक डा० मोहन सिंह बिष्ट यजमान श्रीमती एवं श्री कुलदीप मिश्रा, श्रीमती एवं श्री उमेश तिवारी, श्रीमती एवं के० के० पाण्डे, संजीव शर्मा, जीवन कब्डवाल, हेमवती नन्दन दुर्गापाल, कमलेश चन्दोला, अरुण जोशी, विनोद श्रीवास्तव, बौबी सम्मल, उमेश तिवारी, हरीश नैनवाल, अनिल सिंह, शैलेन्द्र राठौर धर्मवीर मौर्या, अमरनाथ मिश्रा, अशोक पाठक, पंचम लाल, शैलेन्द्र सिंह, महेश कश्यप, राजेन्द्र अग्निहोत्री, रोहन चौधरी, हेम रुबाली, लखन मेहता, रामस्वरूप, ओ.पी. अग्निहोत्री, गुड़िया शाह, पूजा कश्यप, पूर्णिमा, पिंकी मौर्या आदि मौजूद रहे
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