अंतहीन कतारों से मुक्ति या व्यवस्था में बड़ा बदलाव? लालकुआँ के हजारों श्रमिकों के लिए तय हो रही नई राह

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अंतहीन कतारों से मुक्ति या व्यवस्था में बड़ा बदलाव? लालकुआँ के हजारों श्रमिकों के लिए तय हो रही नई राह

लालकुआँ / हल्द्वानी। क्या लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के हजारों पंजीकृत श्रमिकों को अब श्रमिक कार्ड नवीनीकरण, ई-केवाईसी और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए घंटों लंबी कतारों और दूरदराज के चक्करों से हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है? क्षेत्र में लंबे समय से एक ही केंद्र पर निर्भरता और समय की बर्बादी से जूझ रहे श्रमिकों के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है।

चार नए श्रमिक सुविधा केंद्रों को धरातल पर उतारने की दिशा में विभागीय प्रक्रिया ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है, जिससे क्षेत्र के श्रमिक वर्ग में एक नई उम्मीद जगी है।

कागजों से निकलकर शासन तक पहुँचा मामला

वर्तमान व्यवस्था में लालकुआँ और आसपास के विशाल ग्रामीण व उपनगरीय क्षेत्र में सीमित सुविधा केंद्र होने के कारण श्रमिकों को सामान्य ऑनलाइन प्रपत्र भरवाने के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। इस जमीनी समस्या को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति ने मोर्चा खोला।

  • 27 सितंबर 2026: समिति के मुख्य संयोजक पीयूष जोशी ने श्रम विभाग को औपचारिक मांग पत्र सौंपकर चार प्रमुख क्षेत्रों के चयनित सीएससी केंद्रों को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) के पोर्टल पर अधिकृत आईडी देने का अनुरोध किया।
  • 29 सितंबर 2026: जनहित से जुड़ी इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी (हल्द्वानी) ने उप श्रमायुक्त, UKBOCW बोर्ड (देहरादून) को औपचारिक पत्राचार कर चारों केंद्रों की पोर्टल आईडी तत्काल स्वीकृत करने की संस्तुति भेज दी।
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अधिकारियों से सीधी वार्ता: शिविरों की व्यवस्था पर भी उठे सवाल

प्रक्रिया को गति देने के लिए पीयूष जोशी ने हल्द्वानी में सहायक श्रमायुक्त सुनील तिवारी से व्यक्तिगत भेंट की और श्रमिकों की व्यावहारिक दुश्वारियों को प्रमुखता से रखा।

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इस बैठक में केवल केंद्रों की स्थापना ही नहीं, बल्कि भविष्य में लगने वाले श्रमिक पंजीकरण शिविरों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर मंथन हुआ। समिति ने स्पष्ट किया कि शिविरों के आयोजन में अक्सर अव्यवस्था और सूचना के अभाव की शिकायतें आती हैं। इसलिए मांग रखी गई कि:

  • शिविर आयोजन की अग्रिम सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को अनिवार्य रूप से दी जाए।
  • आवश्यकतानुसार स्थानीय प्रशासन को समय रहते सूचित किया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन और योजनाओं का वितरण पारदर्शी व सुगम हो सके।
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ये हैं वे 04 प्रस्तावित केंद्र जहाँ श्रमिकों को मिलेगी सीधी राहत

विभागीय पत्राचार के अनुसार, स्वीकृति मिलते ही निम्नलिखित केंद्रों पर UKBOCW पोर्टल की सेवाएं सीधे शुरू हो सकेंगी:

  1. हल्दूचौड़: सुशील कुमार भट्ट केंद्र
  2. हल्दूचौड़-दिना: श्रीबालाजी साइबर वर्ल्ड जन सेवा केंद्र (संचालक: भारत चोपड़ा)
  3. लालकुआँ: विशेष कुमार सिंह केंद्र
  4. बिंदुखत्ता: सेवांजलि कंप्यूटर एवं सीएससी सेंटर (संचालक: चरण सिंह)

देहरादून मुख्यालय से अंतिम तकनीकी स्वीकृति (पोर्टल आईडी) मिलते ही बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़ और लालकुआँ के श्रमिकों को अपने घर के नजदीक ही ई-केवाईसी, नवीनीकरण और कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन की सुविधा मिलने लगेगी—जिससे समय, धन और अंतहीन इंतजार तीनों से राहत मिलना तय माना जा रहा है।

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