बदलते मौसम में रहें सावधान: ठंडे पानी, कोल्ड ड्रिंक से करें परहेज
(सुभाष आनंद-विनायक फीचर्स)
गर्मी का मौसम चरम पर पहुंच चुका है। कई जगह तापमान 40 डिग्री तक पहुँचने लगा है। ऐसे में खान-पान और सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। मौसम के बदलाव को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
अभी सुबह-रात के समय हल्की ठंडक महसूस होती है, जबकि दिन में गर्मी तेज हो जाती है। इस उतार-चढ़ाव में शरीर जल्दी ‘गर्म-सर्द’ की चपेट में आ जाता है। वायरल बुखार, पेट के संक्रमण और डिहाइड्रेशन के मामले इन्हीं दिनों तेजी से बढ़ते हैं।
*किनसे करें परहेज?*
डॉक्टरों के मुताबिक बदलते मौसम में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी जूस और बर्फ वाले पेय पदार्थों से बचना चाहिए। ये चीजें गले में खराश, सर्द-गर्म और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकती हैं। बाजार में मिलने वाले चाइनीज फूड,नूडल्स, स्प्रिंग रोल, मोमो, समोसे, कचौड़ी, पकौड़े अक्सर घटिया तेल और क्वालिटी में बनाए जाते हैं। बच्चों को इनसे विशेष रूप से दूर रखें।
*क्या लें आहार में?*
1. *ताजा और सादा भोजन:* बासी खाने से बचें। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है।
2. *गुनगुना पानी:* दिनभर गुनगुना या मटके का पानी पिएं। ये पाचन दुरुस्त रखता है।
3. *हल्की डाइट:* दही, लस्सी, नींबू पानी, छाछ, मौसमी फल और हरी सब्जियाँ लें।
4. *पेट के लिए फायदेमंद:* पुदीने की चटनी, सौंफ-अजवाइन का पानी पेट साफ रखता है और गर्मी में होने वाली अपच से बचाता है।
5. *चाय-कॉफी कम:* इनकी मात्रा सीमित रखें, क्योंकि ये शरीर में गर्मी बढ़ाती हैं।
*जरूरी सावधानियाँ*
1. *हाथों की सफाई:* खाने से पहले हाथ साबुन या सैनिटाइजर से जरूर धोएं। हाथों से ही सबसे ज्यादा बैक्टीरिया शरीर में जाते हैं।
2. *बुजुर्ग-बच्चों का ध्यान:* इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग तरल पदार्थ अधिक लें।
3. *एंटीबायोटिक्स से बचें:* पेट खराब होने पर बार-बार एंटीबायोटिक्स न लें। घरेलू उपाय और डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।
4. *बुखार में लापरवाही नहीं:* मौसमी बुखार होने पर तुरंत योग्य डॉक्टर से इलाज कराएं।
5. *डेंगू से बचाव:* बरसात के साथ डेंगू का खतरा बढ़ेगा। पानी जमा न होने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
*विशेषज्ञों की सलाह*
आयुर्वेदिक डॉक्टर वेद प्रकाश के अनुसार, सुबह लंबी सैर और रात को हल्का भोजन अच्छी सेहत की निशानी है। वहीं डॉ. एकांत आनंद कहते हैं कि गर्मी में होने वाली बीमारियाँ सर्दी की तुलना में ज्यादा घातक होती हैं, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है।
बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। खान-पान में बदलाव करें, सफाई रखें और शरीर को हाइड्रेट रखें। *(विनायक फीचर्स)*
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