हनुमान जयंती विशेष: अवंतिका मंदिर में हनुमान उपासक लवी मुन्जाल बोले  “सुंदरकाण्ड पाठ से मिलता है साहस, सेवा और संकटों से मुक्ति का मार्ग”

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लालकुआँ। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर माँ अवंतिका देवी मंदिर परिसर में हनुमान उपासक लवी मुन्जाल से विशेष बातचीत की गई। इस अवसर पर उन्होंने हनुमान जी के प्रति अपनी गहरी आस्था, सुंदरकाण्ड पाठ के महत्व तथा समाज के लिए भक्ति के संदेश को साझा किया।
प्रश्न: हनुमान जयंती आपके लिए क्या महत्व रखती है?
लवी मुन्जाल: हनुमान जयंती हमारे लिए केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, सेवा, समर्पण और निष्ठा का संदेश देने वाला महान अवसर है। इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से मन में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रश्न: सुंदरकाण्ड पाठ का जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है?
लवी मुन्जाल: सुंदरकाण्ड का पाठ व्यक्ति के जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने की प्रेरणा देता है। नियमित पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। यह भक्ति और विश्वास को मजबूत बनाता है।
प्रश्न: अवंतिका मंदिर में सुंदरकाण्ड पाठ करने का विशेष महत्व क्या है?
लवी मुन्जाल: माँ अवंतिका देवी मंदिर एक सिद्ध शक्ति स्थल है। यहाँ माँ अवंतिका देवी और हनुमान जी के सान्निध्य में सुंदरकाण्ड पाठ करने से विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
प्रश्न: युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
लवी मुन्जाल: आज के युवाओं को हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका चरित्र हमें अनुशासन, सेवा, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाता है। यदि युवा इन गुणों को अपनाएँ, तो समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बनेंगे।
अंत में लवी मुन्जाल ने सभी क्षेत्रवासियों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से सुंदरकाण्ड पाठ और प्रभु स्मरण करते रहना चाहिए, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और संकट स्वतः दूर होते हैं।

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