“ममता और करुणा की सजीव प्रतिमूर्ति नहीं रहीं : लक्ष्मी देवी की पावन स्मृतियाँ सदैव रहेंगी अमर”

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हल्द्वानी।
ममता, करुणा और सादगी की प्रतिमूर्ति रही स्वर्गीय लक्ष्मी देवी अब इस नश्वर संसार में नहीं रहीं। लगभग 75 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। हल्द्वानी की मधुबन कालोनी निवासी तथा आध्यात्मिक जगत की विराट विभूति रही लक्ष्मी देवी का 11 जनवरी को पीपलपानी संस्कार होगा। उनके निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्र में शोक की गहरी छाया छा गई। आसपास के लोगों, शुभचिंतकों और परिचितों में शोक व व्यथा की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय लक्ष्मी देवी वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश सरकार की माताश्री थीं। उनका संपूर्ण जीवन धार्मिक, सामाजिक और लोकमंगलकारी कार्यों के लिए समर्पित रहा। नागभूमि बेरीनाग तथा शैल और दारुगिरी पर्वत पर विराजमान देवी-देवताओं के प्रति उनकी आस्था अगाध थी। देवभूमि की संस्कृति के प्रति सम्मान, लोकहित के कार्यों के प्रति सजगता और निष्काम कर्मयोग की साधना ही उनका जीवन मंत्र रहा। दया ही उनका परम धाम था और सरलता उनका स्वभाव। अलौकिक सत्ता में अटूट विश्वास और ईश्वर से निरंतर जुड़ाव ने उनके व्यक्तित्व को करुणा की सजीव मूर्ति बना दिया था।
वे मूल रूप से बेरीनाग क्षेत्र की निवासी थीं। अपने विशाल एवं कोमल हृदय के कारण सभी के बीच अत्यंत प्रिय रहीं। आसपास के लोगों से उनका आत्मीय मिलना-जुलना, दुख-दर्द में तत्काल सहायक बन जाना, उनके विराट व्यक्तित्व का परिचायक था। गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के प्रति उनका भाव सदैव वात्सल्य से भरा रहा। वे सच्चे अर्थों में दरियादिली की जीती-जागती मिसाल थीं। उनकी सादगी, विनम्रता और स्नेहशीलता आदरणीय तथा प्रेरणास्रोत रही।
ईश्वर में उनकी अदम्य आस्था थी और देवकार्यों में उनका समय-समय पर होने वाला पदार्पण जीवन भर जारी रहा। आत्मा की अमरता और शरीर की नश्वरता के सत्य को उन्होंने गहराई से समझा और स्वीकारा। इसलिए जीवन के अंतिम क्षणों तक उन्होंने धैर्य, शांति और करुणा की अलौकिक छाया बरसाई। उनका जीवन मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए सतत संघर्ष की प्रेरक गाथा रहा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक महान आदर्श है।
वे अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवारजनों के साथ ही विस्तृत समाज उनके विछोह से व्यथित है। उनकी पावन स्मृतियाँ सदैव मार्गदर्शक बनकर उजाला करती रहेंगी।
उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र की अनेक विभूतियों, पत्रकार जगत के साथ-साथ विभिन्न पत्रकार संगठनों और असंख्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रद्धांजलि का क्रम निरंतर जारी है। स्वर्गीय लक्ष्मी देवी की स्मृतियाँ, उनका स्नेह, करुणा और सेवा भाव समाज की चेतना में सदैव अमर रहेंगे।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय क्षति सहने की शक्ति दे। ॐ शांति।

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