जानिये: शिवजी ने क्यों की कुमाऊँ के इस पर्वत पर अपने विवाह के पूर्व गणेश पूजा, स्कंद पुराण के 68 वें अध्याय में मिलती है इस पर्वत की कथा
ताकुला । गण पर्वत की महिमा का बखान स्वयं भगवान शिव ने किया है। देवताओं में प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की वन्दना के बिना सारी वन्दनायें, पूजा, स्तुति….










