Category: धार्मिक / आध्यात्मिक

स्कंदपुराण में वर्णित शिव महिमां

  *लोमश ऋषि जी कहते हैं- जो मनुष्य शिवमन्दिर के आँगनमें झाडू लगाते हैं, वे निश्चय ही भगवान् शिव के लोकमें पहुँचकर सम्पूर्ण विश्वके लिये वन्दनीय हो जाते हैं* *जो….

कावड़ लेकर पहुंचे शिव भक्तों का नारायणपुरम् में पुष्पवर्षा, शंखनाद व तिलक लगाकर मंगलगीत के साथ भव्य स्वागत

  हल्दूचौड़/ श्रावण माह का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सर्वोत्तम माह माना गया है भगवान शिव को जलाभिषेक कर उनकी स्तुति करने का क्रम इस माह में….

उत्तराखण्ड की धरती पर यहां शयन करती है, आदि शक्ति 

    तीर्थाटन विकास के दावे हवा हवाई श्री राम के पूर्वज राजा दिलीप से जुड़ी है, यहां की गाथा गुफा का निर्माण कब व कैसे सब अज्ञात कमस्यार घाटी….

देवी के पावन मन्त्रों में परम् पूज्यनीय यह पर्वत, जहाँ है खण्डेनाथ जी का वास

  माँ काली व माँ भद्रकाली से पूर्व माँ के जिस स्वरुप का शब्दों के माध्यम से स्मरण किया जाता है* वह नाम है जयंती अर्थात् माँ जयंती और माँ….

सन्तान प्राप्ति के लिए दशरथ जी ने यहाँ किया था शिवजी का पूजन

  अयोध्या/ श्री रामचन्द्र जी की जन्मभूमि अयोध्या धाम की पावन धरा पर स्थित क्षीरेश्वर महादेव की महिमां अपरम्पार है,कल्याण के देवता महादेव जी का यह मन्दिर युगों- युगों से….

संसार की सबसे प्राचीन नगरी काशी की कथा में पाताल भुवनेश्वर

    *संसार की सबसे पुरानी नगरी काशी* *काशी की कथा* *श्री पाताल भुवनेश्वर जी की महिमा के साथ ही पवित्र तीर्थ काशी की महिमा भी जुड़ी हुई है। पुराणों….

अवंतिका मंदिर में भजन कीर्तनों की धूम

लालकुआँ/श्रावण माह के इन दिनों में समूचे नगर एवं क्षेत्र में आध्यात्मिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है नगर के प्रसिद्ध शक्तिस्थल माँ अवंतिका मंदिर में भी प्रतिदिन अनेकों धार्मिक….

श्री रामचरित मानस पाठ पारायण आध्यात्मिक यात्रा जारी, सोमवार को समाज सेवी खीमानन्द फुलारा के आवास पर हुआ पाठ

  हल्दूचौड़/ श्रावण माह के इन दिनों में बच्ची धर्मा क्षेंत्र के भक्तों द्वारा मानस यात्रा का कार्यक्रम बड़े ही उमंग व उत्साह के साथ श्रद्वा पूर्वक जारी है श्रावण….

अलौकिक रहस्य : कुमाऊँ की धरती में महाकालेश्वर विराजमान है यहाँ

  त्रिपुरादेवी/कोटेश्वर उत्तराखण्ड स्वयं एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां स्थित पौराणिक शिवालयों व ऐतिहासिक गुफाओं का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण में उत्तराखण्ड के कुमाऊं क्षेत्र को मानस खण्ड….

विष पीकर नील पर्वत पर विराजमान हुए नीलकंठ महादेव

  योगेश्वर के भी ईश्वर महादेव जी की महिमा निराली है ये परम कल्याणकारी हैं, और सभी के आराध्य हैं। देवता.दानव ऋषि -मुनि सभी महादेव जी की आराधना करते हैं….