लालकुआँ (नैनीताल)। नैनीताल जिले के लालकुआँ स्थित स्टॉफ कॉलोनी ग्राउंड में सोमवार, 03 अगस्त 2026 की अपराह्न 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक आयोजित ‘संगम प्रारम्भ समारोह’ के साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। वर्षों से जारी उत्सुकता और भविष्य की आशंकाओं के कुहरे को चीरते हुए दो विशाल औद्योगिक शक्तियों का ऐतिहासिक एकीकरण संपन्न हुआ। इस महामिलन के साथ ही लालकुआँ की पहचान रही सेंचुरी मिल अब औपचारिक रूप से आईटीसी (ITC) के नाम से जानी जाएगी। समारोह के दौरान केवल दो दिग्गजों का मिलन ही नहीं हुआ, बल्कि लालकुआँ की माटी की सांस्कृतिक धरोहर के साथ एक ऐसा दिव्य रिश्ता भी कायम हुआ, जिसने सैकड़ों श्रमिकों और उनके परिवारों के दिलों में भरोसे, सम्मान और सुरक्षा का नया दीप जला दिया।
सेंचुरी पल्प एंड पेपर और आईटीसी के पेपरबोर्ड्स एवं स्पेशलिटी पेपर्स डिवीजन (PSPD) के इस एकीकरण को ‘संगम’ (Two Rivers. One Future. One ITC) की संज्ञा दी गई है। टाउनहॉल बैठक के रूप में आयोजित इस समारोह में सेंचुरी मिल के सैकड़ों स्थायी श्रमिकों, और दोनों प्रबंधनों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में भविष्य का स्वर्णिम रोडमैप रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता ने संगम का सुंदर भावार्थ समझाते हुए कहा कि परिवर्तन ही प्रकृति का शाश्वत नियम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार दो नदियाँ मिलकर एक अति विशाल व शक्तिशाली नदी बन जाती हैं, ठीक उसी तरह यह मिलन दोनों कंपनियों को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि जिस आत्मीयता से आदित्य बिड़ला ग्रुप ने उनकी देखभाल की, उसी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ आईटीसी परिवार भी हर कर्मचारी का पूरा ध्यान रखेगा।
इसके पश्चात आईटीसी के मानव संसाधन एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के कार्यकारी उपाध्यक्ष (ईवीपी) शिव शंकर बंदोपाध्याय (सिबशंकर बंद्योपाध्याय) ने अपने ओजस्वी संबोधन से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापारिक अधिग्रहण नहीं, बल्कि उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति और मानवीय मूल्यों पर टिके दो विशाल परिवारों का आत्मिक संगम है। उन्होंने घोषणा की कि आईटीसी में कर्मचारी कल्याण, कार्यस्थल पर सुरक्षा के उच्चतम मानक और उनका पेशेवर विकास हमेशा सर्वोपरि रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने लालकुआँ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाने का भी पूरा भरोसा दिया।
शिव शंकर बंदोपाध्याय के इस प्रेरक संबोधन के उपरांत समारोह में एक बेहद अनूठा, सांस्कृतिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब लालकुआँ की माटी की पावन आस्था, गौरव और धरोहर का प्रतीक मानी जाने वाली विशेष पुस्तक ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ सेंचुरी मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता द्वारा आईटीसी के ईवीपी शिव शंकर बंदोपाध्याय को ससम्मान भेंट की गई। लालकुआँ की पावन माटी से जुड़े इस दिव्य पुस्तक के आदान-प्रदान ने कॉर्पोरेट एकीकरण को एक गहरा आध्यात्मिक और स्थानीय जुड़ाव प्रदान कर दिया, जिससे पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और गौरवमयी अनुभूति से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर आईटीसी (PSPD) के डिविजनल चीफ एग्जीक्यूटिव राजेश पोन्नूरु का आत्मीय संदेश भी कर्मचारियों के बीच साझा किया गया, जिसमें उन्होंने श्रमिकों को ‘प्रिय परिवारजन’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संस्था की असली ताकत मशीनों में नहीं, बल्कि उसके निष्ठावान लोगों और उनके पीछे खड़े परिवारों में होती है। उन्होंने कठिन समय, देर रात की पालियों और त्योहारों पर काम करने वाले कर्मचारियों के योगदान को नमन करते हुए वचन दिया कि सेंचुरी मिल की समृद्ध विरासत का पूरा सम्मान किया जाएगा और पूर्ण पारदर्शिता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।
समारोह के अंतिम चरण में वर्षों से अपनी निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे स्थायी श्रमिकों ने अपने खट्टे-मीठे संस्मरण साझा किए। जब श्रमिकों ने नई शुरुआत को लेकर अपनी उम्मीदें जताईं, तो पूरा वातावरण भरोसे और अपनेपन से भर गया। आईटीसी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) प्रणव शर्मा सहित दोनों प्रबंधनों के उच्च अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश पूरी तरह स्पष्ट कर दिया कि सेंचुरी मिल का आईटीसी के नाम से यह नया सफर लालकुआँ और इसके आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक स्थिरता, समृद्धि और विकास का एक नया सूर्योदय लेकर आया है।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
