निराला रहस्य: शक्ति स्थलों में प्रथम पूजनीय है पिथौरागढ़ का यह देवी मन्दिर
माँ काली व माँ भद्रकाली से पूर्व माँ के जिस स्वरुप का शब्दों के माध्यम से स्मरण किया जाता है वह नाम है जयंती अर्थात् माँ जयंती और माँ जयंती….
माँ काली व माँ भद्रकाली से पूर्व माँ के जिस स्वरुप का शब्दों के माध्यम से स्मरण किया जाता है वह नाम है जयंती अर्थात् माँ जयंती और माँ जयंती….
कल १०जुलाई रविवार को देवशयनी एकादशी व्रत होगा कल से ही चातुर्मास व्रत प्रारंभ होता है।कल के दिन घरों पवित्र स्थान में तुलसी पौधे का रोपण किया जाता है….
हिमालय की गोद में स्थित उत्तराखण्ड़ प्रकृति की अनमोल धरोहर है यह पावन भूमि युगों – युगों से आस्था भक्ति व साधना का संगम रही है देवता , ऋषि….
*वर देने वालों को भी वरदान देती है,माँ बगुलामुखी* *श्री शिव,श्रीविष्णु,श्रीराम,श्री कृष्ण,श्रीश्याम,भगवान परशुराम,गुरु द्रोणाचार्य ने भी किया था,माँ बगलामुखी देवी अर्थात मॉं पीताम्बरी का पूजन* बगलामुखी देवी को ही….
प्रसिद्ध शक्ति स्थल सुरकण्डा देवी जहाँ गिरा माँ सती का सिर उत्तराखण्ड की धरती में जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत स्थित माँ सुरकन्डा देवी का दरबार प्राचीन काल से आस्था….
माँ की विराट लीलाओं का वर्णन अद्भुत है इनकी महिमा अपरंपार है जयंती मंगला काली भद्रकाली का एक भव्य स्वरूप काली शीला व कालीमठ में देखने को मिलता….
देवभूमि उत्तराखण्ड की धरती पर शिवालयों एवं शक्तिपीठों की लंबी श्रृंखलाएं मौजूद है दूर चोटियों पर स्थित तमाम मन्दिर पौराणिक काल से महान् आस्थाओं के केन्द्र है इन्हीं आस्थाओं….
*विंध्यवासिनी देवी के बिना नहीं होती कोई साधना फलीभूत* *विंध्यवासिनी / मिर्जापुर/ माँ विंध्यवासिनी सर्व सौभाग्य को प्रदान करनें वाली परम कल्याणी स्वरुपा देवी के रुप में पूजनीय है।इनकी….
हिमालयी भूमि के अनेक पावन स्थल रहस्यों के आपार भण्ड़ार को अपनें आँचल में समेटे हुए है एक से बढ़कर एक रहस्यों की श्रृंखला देव भूमि के कदम –….
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ध्वज मंदिर एक ऐसा अलौकिक अद्भुत स्थल है जहां पहुंचकर मनुष्य की समस्त व्याधियां यूं शान्त हो जाती….