हल्द्वानी / देहरादून: उत्तराखण्ड की राजनीति में जब भी सादगी, विधायी ज्ञान और ज़मीनी पकड़ का उल्लेख होता है, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट का नाम प्रमुखता से उभरता है। सत्ता के शीर्ष गलियारों में सक्रिय रहने के बावजूद आम नागरिक और साधारण कार्यकर्ता के लिए उनकी चौखट का हमेशा खुला रहना उनकी राजनीति की सबसे बड़ी विशिष्टता है। तराई के मैदानों से लेकर पहाड़ की दुर्गम चोटियों तक फैले उनके संसदीय क्षेत्र में उनकी कार्यप्रणाली केवल आश्वासन देने तक सीमित नहीं, बल्कि समस्याओं के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण पर आधारित है।
सादगी, सुलभता और ‘ऑन-द-स्पॉट’ समाधान
प्रत्यक्ष जनसुनवाई: क्षेत्र प्रवास के दौरान वे बिना किसी भारी-भरकम प्रोटोकॉल के ग्रामीणों के बीच बैठते हैं और सीधे समस्याएं सुनते हैं।
अधिकारियों की जवाबदेही: जनसमस्याओं के आने पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देकर समयसीमा तय करना उनकी कार्यसंस्कृति का हिस्सा है।
संकट में ग्राउंड जीरो पर मौजूदगी: तराई में जलभराव या पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय वे कागजी बैठकों के बजाय स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर राहत कार्यों की निगरानी करते हैं।
संसदीय गरिमा, विधायी प्रखरता और केंद्रीय अनुभव
उत्तराखण्ड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका हो या लोकसभा का मंच, अजय भट्ट ने हमेशा विषय की गहराई और विधायी नियमों के सटीक उपयोग से अपनी बात रखी है।
रक्षा राज्य मंत्री के रूप में छाप: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के कार्यकाल में उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती सड़कों, बीआरओ (BRO) की परियोजनाओं और सीमांत गांवों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को गति दी।
सैनिक कल्याण को प्राथमिकता: उत्तराखण्ड जैसे सैन्य बाहुल्य प्रदेश के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सेवारत जवानों की पेंशन, स्वास्थ्य (ECHS) और पुनर्वास संबंधी मांगों का केंद्र स्तर पर प्राथमिकता से समाधान कराया।
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में विकास के बड़े आयाम
संसदीय क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए उन्होंने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक योजनाओं को धरातल पर उतारा है:
रेलवे एवं सड़क कनेक्टिविटी: काठगोदाम, लालकुआं और हल्द्वानी स्टेशनों के आधुनिकीकरण, वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन और राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण से पर्यटन व स्थानीय व्यापार को नई गति मिली।
पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण: क्षेत्र को वैश्विक कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए पंतनगर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की प्रक्रिया को उच्च स्तर पर गति प्रदान की गई।
स्वास्थ्य अवसंरचना में क्रांति: ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना और स्थानीय अस्पतालों में जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त किया।
औद्योगिक व कृषि समन्वय: तराई के किसानों की समस्याओं, फसल बीमा, सिंचाई और सिडकुल के उद्योगों में स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर वे शासन और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
संगठन, मर्यादा और विवादविहीन राजनीति
अजय भट्ट की राजनीतिक यात्रा की सबसे बड़ी पूंजी उनका विवादों से दूर रहना और सभी वर्गों के बीच सर्वमान्य छवि बनाए रखना है। कार्यकर्ताओं को नाम से पहचानना, विरोधियों की आलोचना का उत्तर भी शालीनता और तथ्यों के साथ देना तथा विकास को राजनीति से ऊपर रखना उनकी कार्यशैली को विशिष्ट बनाता है।
जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी यह सक्रियता दर्शाती है कि जब राजनीति का केंद्र बिंदु ‘जनसेवा और विकास’ बन जाता है, तो जनता और नेता के बीच विश्वास का एक अटूट बंधन स्थापित हो जाता है।
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