भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के 139वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती समारोह समिति’ (दुगई एस्टेट, भवाली) द्वारा 10 सितंबर 2026 को भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को अविस्मरणीय बनाने के लिए समिति की ओर से एक विशेष ‘प्रेरक स्मारिका’ का प्रकाशन किया जा रहा है। इस स्मारिका एवं जयंती समारोह की सफलता के लिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन विभूतियों और वरिष्ठ राजनेताओं ने अपने शुभकामना संदेश प्रेषित किए हैं
यह जानकारी पण्डित गोबिन्द बल्लभ पन्त जयन्ती समारोह समिति के मुख्य प्रदेश संयोजक गोपाल रावत ने दी
श्री गोपाल रावत ने बताया कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के आदर्शों, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान, और नवभारत निर्माण में उनकी दूरदर्शिता को जन-जन तथा भावी पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस स्मारिका का संपादन किया जा रहा है।
स्मारिका हेतु प्राप्त प्रमुख संदेश:
* महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में पंडित पंत के स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट समर्पण को नमन करते हुए समारोह की सफलता की कामना की।
* उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मारिका प्रकाशन को एक अत्यंत प्रेरक पहल बताते हुए कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि पंडित जी के विचारों और जीवन मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है, जो इतिहास और वर्तमान के बीच जीवंत संवाद स्थापित करेगा।
* उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पंडित जी के कुमाऊं से लेकर राष्ट्रीय पटल तक के नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए आयोजन को सराहा।
* उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संदेश में कहा कि पंडित जी का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, आंतरिक सुरक्षा और सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था को समर्पित रहा, जिससे सीख लेकर विकसित भारत का निर्माण संभव है।
* पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तथा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद बैजयंत ‘जय’ पांडा ने भी अपने शुभकामना संदेशों के माध्यम से पंडित जी के लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के संकल्पों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
संयोजक गोपाल रावत ने कहा कि इन संदेशों से सुसज्जित यह स्मारिका समाज, विशेषकर युवाओं में राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। समिति समारोह को ऐतिहासिक रूप से मनाने की तैयारियों में जुटी हुई है।
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